Official handle of the Chief Electoral Officer, Uttar Pradesh.

Uttar Pradesh, India
Joined October 2011
कार्यालय मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश (प्रेस विज्ञप्ति) विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 के दृष्टिगत निर्वाचन कार्यों से सीधे जुड़े अधिकारियों के स्थानांतरण एवं तैनाती पर भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देश जारी मंडलायुक्त, नगर आयुक्त तथा नगर निगम एवं विकास प्राधिकरणों में कार्यरत संबंधित अधिकारियों पर भी लागू होंगे निर्देश आबकारी व परिवहन विभाग के उप निरीक्षक एवं समान रैंक के अधिकारियों सहित उच्च स्तर के अधिकारियों का भी होगा स्थानांतरण पिछले विधानसभा चुनाव या उपचुनाव में तैनात रहे अधिकारियों की उसी विधानसभा क्षेत्र/जनपद में पुनः तैनाती पर रोक एक ही जनपद में विगत चार वर्षो में 31 मई, 2027 तक तीन वर्ष की सेवा अवधि पूर्ण करने वाले अधिकारियों का किया जाएगा स्थानांतरण मुख्य सचिव एवं पुलिस महानिदेशक को स्थानांतरण एवं तैनाती संबंधी समेकित रिपोर्ट 30 नवंबर, 2026 तक आयोग को भेजनी होगी लखनऊ, 28 अक्टूबर, 2026 भारत निर्वाचन आयोग द्वारा आगामी विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 के दृष्टिगत निर्वाचन संबंधी कार्यों से सीधे जुड़े अधिकारियों के स्थानांतरण एवं तैनाती के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता, पारदर्शिता तथा प्रशासनिक तंत्र की निष्पक्ष भूमिका सुनिश्चित करने के उद्देश्य से इन निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन करने के निर्देश दिए हैं। आयोग के निर्देशों के अनुसार, निर्वाचन संबंधी कार्यों से सीधे जुड़े ऐसे अधिकारी, जिन्होंने एक ही जनपद में विगत चार वर्षो में 31 मई, 2027 तक तीन वर्ष पूर्ण कर लिए हो, उन्हें निर्धारित स्थानांतरण नीति के अनुसार जनपद से स्थानांतरित किया जाना है। इस संबंध में आयोग के निर्देशों से आच्छादित अधिकारियों के स्थानांतरण एवं तैनाती के संबंध में की गई कार्यवाही की समेकित रिपोर्ट 30 नवंबर, 2026 तक मुख्य सचिव एवं पुलिस महानिदेशक द्वारा भारत निर्वाचन आयोग को प्रेषित की जानी है। स्थानांतरण नीति के दायरे में जिला निर्वाचन अधिकारी, उप जिला निर्वाचन अधिकारी, रिटर्निंग ऑफिसर/सहायक रिटर्निंग ऑफिसर्स, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी/सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, अपर जिलाधिकारी, उप जिलाधिकारी, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट, तहसीलदार, खंड विकास अधिकारी तथा निर्वाचन कार्यों से सीधे जुड़े अन्य समान रैंक अधिकारी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त मंडलायुक्त, नगर आयुक्त तथा नगर निगम एवं विकास प्राधिकरणों में कार्यरत संबंधित अधिकारियों पर भी आयोग के निर्देश लागू होंगे। पुलिस विभाग में उप निरीक्षक एवं समान रैंक के अधिकारियों सहित उनसे उच्च स्तर के अधिकारियों तथा आबकारी विभाग में उप निरीक्षक एवं समान रैंक के अधिकारियों सहित उनसे उच्च स्तर के अधिकारियों पर भी स्थानांतरण नीति लागू होगी। इसी प्रकार परिवहन विभाग के सब-इंस्पेक्टर एवं उनसे उच्च स्तर के क्षेत्रीय अधिकारियों के संबंध में भी आयोग के निर्देशों के अनुसार कार्यवाही की जानी है। निर्देशों को लागू करते समय या अधिकारियों का तबादला करते समय, राज्य सरकार के संबंधित विभागों को यह ध्यान रखना होगा कि उन्हें उनके गृह जनपदों में तैनात न किया जाए। साथ ही, यह भी सुनिश्चित किया जाये कि किसी भी जिला निर्वाचन अधिकारी/रिटर्निंग ऑफिसर/सहायक रिटर्निंग ऑफिसर, पुलिस इंस्पेक्टर/सब-इंस्पेक्टर या उससे ऊपर के अधिकारी को उस विधानसभा क्षेत्र या जनपद में वापस तैनात न किया जाए, या वहां बने रहने की अनुमति न दी जाए, जहां वे पिछले विधानसभा चुनाव या उसके बाद हुए किसी भी उपचुनाव के दौरान तैनात थे। राज्य मुख्यालयों में पदस्थ संबंधित विभागीय अधिकारियों, निर्वाचन कार्य से असंबद्ध तकनीकी कार्मिकों तथा सेक्टर ऑफिसर एवं जोनल मजिस्ट्रेट के रूप में तैनात अधिकारियों को सामान्यतः इस नीति से छूट प्रदान की गई है। आब्जर्वर, मुख्य निर्वाचन अधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी एवं रिटर्निग ऑफिसर द्वारा उनके व्यवहार पर करीबी नजर रखना चाहिए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे अपने कर्तव्यों का पालन निष्पक्ष और पक्षपात रहित तरिके से कर रहे हों। 31 मई, 2027 तक सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारियों को भी स्थानांतरण नीति से छूट मिलेगी, लेकिन वे निर्वाचन से जुड़े महत्वपूर्ण पदों के प्रभार में नहीं रहेंगे। @ECISVEEP @SpokespersonECI @ANINewsUP @PTI_News @ians_india @DDNewsUP @AIRNewsHindi
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The findings of an investigation by The Reporters’ Collective regarding the SIR in UP, reported on the 9th of this month, confirm that, although some attempts at bulk submission of forms to remove voters’ names were made, the number of such instances across the whole of UP was not more than 200, and the number of names sought to be deleted across the state was not more than 5,000. What the report did not mention, however, was that, as a result of such attempts, fewer than 350 names were actually removed from the list. Of those names, no more than 100 were found to have been wrongly removed. Action has been taken or is being taken against those found guilty of any wrongdoing in this matter. Corrective action to restore the wrongly deleted names to the voter list has already been taken. In short, the claim of mass deletion of the names of Muslims, Dalits, etc., from the voter list in UP is not supported by the facts. (3/3)
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The 26 Form-7 applications (for the removal of names from the voter list) received by the BLO from Mr Nandlal were never digitised or submitted on ERO-Net. Hence, none of those 26 names was removed from the voter list. An FIR under Sections 336(3), 340(2) and 318(4) of the BNS has already been lodged in this matter at PS Gosainganj, Sultanpur district. It is also informed that, since the completion of the SIR in UP on 10/04/2026, we have not received a single complaint from either the Samajwadi Party or anyone else regarding the mass deletion of names of their supporters, Muslims, or members of any marginalised community from the voter list. During the first half of February this year, the Samajwadi Party submitted a number of complaints regarding multiple attempts at bulk submission of Form-7 applications to remove the names of its supporters. As a result of the quick and effective action taken on those complaints, the issue was fully resolved by 18 February. Two press conferences were organised by this office in February, during which data was presented to the media to explain that the apprehension that mass deletion of names from the voter list had taken place, was misplaced and not supported by facts. The findings of an investigation by The Reporters’ Collective regarding the SIR in UP, reported on the 9th of this month, confirm that, although some attempts at bulk submission of forms to remove voters’ names were made, the number of such instances across the whole of UP was not more than 200, and the number of names sought to be deleted across the state was not more than 5,000. What the report did not mention, however, was that, as a result of such attempts, fewer than 350 names were actually removed from the list. Of those names, no more than 100 were found to have been wrongly removed. Action has been taken or is being taken against those found guilty of any wrongdoing in this matter. Corrective action to restore the wrongly deleted names to the voter list has already been taken. In short, the claim of mass deletion of the names of Muslims, Dalits, etc., from the voter list in UP is not supported by the facts.
In February this year, a young man from Uttar Pradesh's Sultanpur district came forward with a startling claim: applications bearing his forged signature had been submitted to the local booth-level officer (BLO) seeking the deletion of 26 individuals from his constituency's electoral roll, reports @omar7rashid. Alarmingly, Nandlal Nishad could not read and write, and relied on his thumbprint rather than a written signature. Nandlal's complaint prompted serious questions about the overall integrity of the special intensive revision (SIR) conducted by the Election Commission of India (ECI), with the Samajwadi Party (SP) using his case as an example to allege the poll body's connivance with the ruling Bharatiya Janata Party (BJP). It said the ECI had fraudulently deleted names of opposition voters – specifically voters belonging to Muslim, Dalit and other marginalised communities. How many more such cases from state after state do we need before the apex court will conclude that electoral manipulation is being resorted to by the ruling establishment and its Deep State on a monumental scale ? m.thewire.in/article/rights/… via @thewire_In
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Replying to @samajwadiparty
उक्त के संदर्भ में अवगत कराना है कि समाजवादी पार्टी स्नातक प्रत्याशी शशांक यादव उर्फ सीटू मतगणना प्रारंभ के समय से ही मतगणना स्थल पर मौजूद है। उपरोक्त जो ट्वीट है वह भ्रामक एवं तथ्यहीन है। प्रत्याशी आरओ/एआरओ टेबल पर स्वयं मौजूद है। साक्ष्य हेतु फोटो संलग्न है। - सहायक रिटर्निग अफसर/जिलाधिकारी मथुरा, चंद्र प्रकाश सिंह.
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मंडलायुक्त आगरा को आवश्यक करवाई करने हेतु नोट करा दिया गया है।
आगरा खंड स्नातक निर्वाचन की मतगणना के दौरान समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी शशांक सिंह को मतगणना केंद्र के अंदर प्रवेश नहीं दिए जाने की शिकायत। संज्ञान ले चुनाव आयोग, मामले की तत्काल जांच कर प्रत्याशी को नियमानुसार प्रवेश दिलाए। @ECISVEEP @ceoup @OfficeOfDMAgra
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इस हैंडल के उद्धृत पोस्ट में टिप्पणियों की भाषा के स्तर और भाव और इनकी तीखी प्रकृति इस आधिकारिक हैंडल से अपेक्षित संचार की प्रकृति के अनुरूप नहीं है। पोस्ट में टिप्पणियों से उत्पन्न वास्तविक आक्रोश को अच्छी तरह से नोट किया गया है। हम इससे अचंभित और नाराज़ लोगों से ईमानदारी से माफी मांगते हैं। अब से हमारा संचार शालीन और औपचारिक होगा।
हालिया विधान परिषद के चुनाव की मतदाता सूची में एक अजीबोगरीब नाम “राम ने शर्मा को मारा” भी है। कंप्यूटर/सॉफ्टवेयर जातिवादी नहीं है। हमारे द्वारा गलती किया जाना स्वीकार है लेकिन हमारे सौभाग्य से गलती होते समय भी जाति का भेदभाव नहीं हुआ है। भगवान का यह भी शुक्र है की राम ने किसी अल्पसंख्यक को नहीं मारा है। नहीं तो जातिवादी होने के साथ-साथ सांप्रदायिक होने का इल्ज़ाम भी लगता।
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The tone and tenor and the acerbic nature of the comments in the quoted post of this handle is not in line with the nature of communication expected from this official handle. The genuine outrage generated by the comments in the post has been well noted. We offer our sincere apologies to the persons shocked and offended by it. Our communication henceforth will be decorous and formal.
हालिया विधान परिषद के चुनाव की मतदाता सूची में एक अजीबोगरीब नाम “राम ने शर्मा को मारा” भी है। कंप्यूटर/सॉफ्टवेयर जातिवादी नहीं है। हमारे द्वारा गलती किया जाना स्वीकार है लेकिन हमारे सौभाग्य से गलती होते समय भी जाति का भेदभाव नहीं हुआ है। भगवान का यह भी शुक्र है की राम ने किसी अल्पसंख्यक को नहीं मारा है। नहीं तो जातिवादी होने के साथ-साथ सांप्रदायिक होने का इल्ज़ाम भी लगता।
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कार्यालय मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश (प्रेस विज्ञप्ति) विधान परिषद के 05 स्नातक एवं 06 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की मतगणना के लिए व्यापक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश मतगणना केंद्रों पर निर्बाध विद्युत आपूर्ति, पर्याप्त सुरक्षा बल, सीसीटीवी एवं प्रशिक्षित कार्मिकों की व्यवस्था के निर्देश नियमों एवं भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुरूप निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराई जाएगी मतगणना लखनऊ, 26 अक्टूबर, 2026 । उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री नवदीप रिणवा ने उत्तर प्रदेश विधान परिषद के 05 स्नातक एवं 06 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के द्विवार्षिक निर्वाचन-2026 की मतगणना को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए संबंधित रिटर्निंग ऑफिसर को आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मतगणना मंगलवार, 27 अक्टूबर, 2026 को प्रातः 08.00 बजे से प्रारंभ होगी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि मतगणना के दौरान सभी मतगणना केंद्रों पर 24 घंटे निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में ऑटो स्विच जनरेटर आदि की व्यवस्था भी अनिवार्य रूप से रखी जाए, ताकि मतगणना कार्य किसी भी परिस्थिति में बाधित न हो। उन्होंने मतगणना केंद्रों पर मतगणना समाप्त होने तक पर्याप्त संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, मतगणना प्रक्रिया की निगरानी के लिए वीडियोग्राफी एवं सीसीटीवी की समुचित व्यवस्था करने को कहा है। मतगणना कार्य में लगाए जाने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ड्यूटी समय से निर्धारित करने के भी निर्देश दिए गए हैं। श्री रिणवा ने कहा कि मतगणना केंद्रों के भीतर किसी भी अनधिकृत व्यक्ति को प्रवेश की अनुमति न दी जाए। प्रत्येक मतगणना टेबल पर आवश्यक स्टेशनरी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। विधान परिषद निर्वाचन में एकल संक्रमणीय मत प्रणाली के अंतर्गत आनुपातिक प्रतिनिधित्व की व्यवस्था होने के कारण मतगणना में अधिक समय लगने की संभावना रहती है। इसे ध्यान में रखते हुए पर्याप्त संख्या में प्रशिक्षित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को रिजर्व ड्यूटी में भी रखा जाए, जिससे आवश्यकता पड़ने पर मतगणना कार्य सुचारु रूप से जारी रह सके। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने निर्वाचन लड़ रहे अभ्यर्थियों को मतगणना अभिकर्ताओं की नियुक्ति से संबंधित दिशा-निर्देशों की विधिवत जानकारी उपलब्ध कराने तथा मतगणना अभिकर्ताओं के लिए आवश्यक बैज आदि की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मतगणना का समस्त कार्य निर्वाचनों का संचालन नियम, 1961. राज्य विधान परिषद निर्वाचन से संबंधित निर्धारित दिशा-निर्देशों तथा भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुरूप संपन्न कराया जाए। सभी संबंधित अधिकारी मतगणना प्रक्रिया के प्रत्येक चरण में निर्धारित नियमों एवं प्रावधानों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करें। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने निर्देशित किया कि मतगणना की समस्त व्यवस्थाएं समय से पूर्ण कर ली जाएं, ताकि पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष, शांतिपूर्ण एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न हो सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मतगणना के दौरान नियमों एवं निर्धारित प्रावधानों के उल्लंघन अथवा किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा।
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कार्यालय मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश (प्रेस विज्ञप्ति) उत्तर प्रदेश विधान परिषद के 05 स्नातक एवं 06 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की मतगणना 27 अक्टूबर को प्रातः 8 बजे से होगी प्रारंभ लखनऊ, 26 अक्टूबर, 20261 उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री नवदीप रिणवा ने बताया कि उत्तर प्रदेश विधान परिषद के 05 खण्ड स्नातक एवं 06 खण्ड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के द्विवार्षिक निर्वाचन-2026 की मतगणना मंगलवार, 27 अक्टूबर, 2026 को प्रातः 8:00 बजे से जनपद लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ, झांसी, बरेली तथा गोरखपुर में होगी। उन्होंने बताया कि उक्त 07 जनपदों के मतगणना स्थलों एवं हॉल का विवरण निम्नवत् है- 1. लखनऊ स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रः स्नातक सीट की मतगणना रमाबाई रैली स्थल, लखनऊ के हॉल नंबर-07 तथा शिक्षक सीट की मतगणना हॉल नंबर-08 में की जाएगी। 2. वाराणसी स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रः स्नातक सीट की मतगणना स्टेट वेयरहाउस कॉर्पोरेशन, वाराणसी के हॉल नंबर-01 तथा शिक्षक सीट की मतगणना हॉल नंबर-02 में की जाएगी। 3. आगरा स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रः स्नातक सीट की मतगणना नवीन कृषि उत्पादन मंडी समिति, टूंडला रोड, आगरा के हॉल नंबर-01 तथा शिक्षक सीट की मतगणना हॉल नंबर-02 में की जाएगी। 4. मेरठ स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रः स्नातक सीट की मतगणना गांधी हॉल बिल्डिंग, सरदार वल्लभभाई पटेल यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर एंड टेक्नोलॉजी, मोदीपुरम, मेरठ के हॉल-B तथा शिक्षक सीट की मतगणना हॉल-A में की जाएगी। 5. इलाहाबाद-झांसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्रः मतगणना कोठारी हॉल, बुंदेलखंड डिग्री कॉलेज, झांसी के हॉल नंबर-01 में की जाएगी। 6. बरेली-मुरादाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रः मतगणना संजय कम्युनिटी हॉल, बरेली के हॉल नंबर-01 में की जाएगी। 7. गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रः मतगणना पंडित दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्ववि‌द्यालय, गोरखपुर की कॉमर्स बिल्डिंग के हॉल नंबर-01 एवं हॉल नंबर-02 में की जाएगी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि सभी 11 निर्वाचन क्षेत्रों में मतगणना निर्धारित स्थलों पर रिटर्निंग ऑफिसर के निर्देशन और प्रेक्षकों की निगरानी में संपन्न कराई जाएगी। मतगणना की प्रक्रिया को सुचारु, शांतिपूर्ण एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित की गई हैं।
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कार्यालय मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश (प्रेस विज्ञप्ति) आगरा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के तीन मतदेय स्थलों पर पुनर्मतदान में 57.16 प्रतिशत मतदान तीनों मतदेय स्थलों पर शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष ढंग से संपन्न हुआ पुनर्मतदान लखनऊ, 26 अक्टूबर, 2026 उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री नवदीप रिणवा ने बताया कि उत्तर प्रदेश विधान परिषद के आगरा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के तीन मतदेय स्थलों पर सोमवार, 26 अक्टूबर, 2026 को पुनर्मतदान शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष रूप से संपन्न हुआ। रिटर्निंग ऑफिसर्स से प्राप्त सूचना के अनुसार, तीनों मतदेय स्थलों पर कुल मतदान 57.16 प्रतिशत रहा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि पुनर्मतदान के दौरान तीनों मतदेय स्थलों पर मतदाताओं द्वारा मताधिकार का प्रयोग किया गया। मतदेय स्थलवार मतदान प्रतिशत के अनुसार, मतदेय स्थल संख्या-20, तहसील कैम्पस, खेरागढ़ पर 51.60 प्रतिशत, मतदेय स्थल संख्या-21, क्षेत्र पंचायत कार्यालय, सैंया पर 58.23 प्रतिशत तथा मतदेय स्थल संख्या-26, क्षेत्र पंचायत कार्यालय, फतेहाबाद पर 58.65 प्रतिशत मतदान हुआ। उन्होंने बताया कि पुनर्मतदान की प्रक्रिया को सुचारू रूप से शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराया गया।
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कार्यालय मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश (प्रेस विज्ञप्ति) *भारत निर्वाचन आयोग द्वारा आगरा खण्ड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 23 अक्टूबर, 2026 को हुए मतदान में शिथिल पर्यवेक्षण हेतु दोषी पाये गये 06 अधिकारियों को निलम्बित करने के दिये गये निर्देश* *02 पीठासीन अधिकारी, 03 मतदान अधिकारी तथा 05 हेड कान्स्टेबल एवं 11 कान्स्टेबल के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रारम्भ किये जाने के भी निर्देश* लखनऊः 26 अक्टूबर, 2026 भारत निर्वाचन आयोग द्वारा आगरा खण्ड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 23 अक्टूबर, 2026 को हुए मतदान में शिथिल पर्यवेक्षण, पोलिंग स्टेशन के भीतर एवं आस-पास समुचित नियंत्रण न रखने आदि गम्भीर चूकों हेतु दोषी पाये गये 06 अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलम्बित करने के निर्देश दिये गये हैं। जिन अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलम्बित किये जाने के निर्देश दिये गये हैं, उनका विवरण निम्नवत् है :- 1. मतदेय स्थल संख्या 21 क्षेत्र पंचायत कार्यालय सैंया कक्ष सं० 1 1. सेक्टर मजिस्ट्रेट, श्री ओ०पी०चक, जिला खादी एवं ग्रामोद्योग अधिकारी, आगरा ii. सेक्टर पुलिस अधिकारी, श्री हरिशरण सिंह, इंस्पेक्टर अपराध शाखा iii. सब इंस्पेक्टर श्री संदीप कुमार, एत्मद्दौला पुलिस स्टेशन, आगरा 2. मतदेय स्थल संख्या 26-क्षेत्र पंचायत कार्यालय फतेहाबाद कक्ष सं० 1 1. सेक्टर मजिस्ट्रेट, श्री विशाल राठौर, क्षेत्रीय वनाधिकारी, फतेहाबाद, आगरा ii. सेक्टर पुलिस अधिकारी, श्री पुरुषोत्तम पाल, एडिशनल इंस्पेक्टर, फतेहाबाद, आगरा iii. सब इंस्पेक्टर श्री सुमित त्यागी, एकता पुलिस स्टेशन, आगरा इसके अतिरिक्त आयोग द्वारा उपर्युक्त मतदेय स्थलों पर तैनात मतदान कार्मिकों (02 पीठासीन अधिकारी, 03 मतदान अधिकारी) तथा पुलिस कार्मिकों (05 हेड कान्स्टेबल एवं 11 कान्स्टेबल) के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रारम्भ किये जाने के निर्देश भी दिये गये हैं।
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जनपद सुलतानपुर में ‘‘नन्द लाल के फर्जी हस्ताक्षर से फार्म-7 भरवा कर वोट काटने की साजिश‘‘ की शिकायत के संबंध में भारतीय न्याय संहिता की धारा 336(3), 340(2) तथा 318(4) में दर्ज कराई गई प्रथम सूचना रिर्पोट 26 व्यक्तियों के विरूद्ध दिये गये फार्म-7 में से एक भी फार्म स्वीकृत नही लखनऊ, 26 अक्टूबर, 2026। समाजवादी पार्टी द्वारा दिनांक-15 अक्टूबर, 2026 को प्रेस वार्ता के माध्यम से लगाये गये आरोप श्री नन्द लाल के फर्जी हस्ताक्षर से फार्म-7 भरवा कर वोट काटने की साजिश के आरोप के संबंध में जिला निर्वाचन अधिकारी, सुलतानपुर से आख्या प्राप्त की गई। प्रकरण में विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र 189-सदर के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी से जांच कराई गई। प्राप्त आख्या के अनुसार विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र 189-सदर की बूथ संख्या-96 प्राथमिक विद्यालय अर्जुनपुर कक्ष संख्या-01 पर श्री नन्द लाल के हस्ताक्षर से 26 व्यक्तियों के नाम मतदाता सूची से विलोपित करने हेतु फार्म-7 बीएलओ को प्राप्त कराया गया। प्राप्त कराये गये फार्म-7 में आवेदक का नाम , मतदाता पहचान पत्र संख्या, मोबाइल नम्बर इत्यादि अंकित ना होने के कारण इन आवेदनों को अपूर्ण मानते हुए बीएलओ द्वारा इन पर कोई कार्यवाही नहीं की गई। परन्तु बीएलओ द्वारा अपूर्ण व आवेदक की पहचान सुनिश्चित किये बिना फार्म-7 प्राप्त करने को निर्वाचन कार्य में लापरवाही मानते हुऐ निर्वाचन कार्य से अवमुक्त कर दिया गया है। संबंधित बीएलओ के विरूद्ध कार्यवाही हेतु संबंधित विभाग को संस्तुति भी की गई है। इस प्रकरण में संबंधित बीएलओ सुपरवाइजर द्वारा थाना गोसाईगंज में दिनांक 24 अक्टूबर, 2026 को भारतीय न्याय संहिता की धारा 336(3), 340(2) तथा 318(4) के अंतर्गत प्रथम सूचना रिर्पोट दर्ज करा दी गई है। @ECISVEEP @SpokespersonECI @ANINewsUP @PTI_News @ians_india @DDNewsUP @AIRNewsHindi
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एक ही विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र अथवा अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों में अनेक मतदाताओं के नाम और उनके संबंधी (पिता /पति/पत्नी/विधिक संरक्षक) के नाम समान हो सकते हैं। केवल नामों में समानता के आधार पर प्रविष्टियों को दोहरी प्रविष्टियाँ नहीं माना जा सकता है । भारत निर्वाचन आयोग (ECI) विधिसम्मत प्रक्रिया का पालन करते हुए वास्तविक दोहरी प्रविष्टियों की पहचान, सत्यापन तथा उन्हें हटाने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।
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प्रत्येक मामले में संयत भाषा का प्रयोग करते हुए बिना अनावश्यक टिप्पणी के केवल तथ्यों तक ही अपनी बात सीमित रखने के निर्देश भारत निर्वाचन आयोग द्वारा दे दिए गए हैं ।
इस हैंडल को कौन चला रहा है @ceoup वैसे भी कोई खास विश्वसनीयता आप लोगों की बच नहीं है जो थोड़ा बहुत भ्रम है - वो यह हैंडल अकेले निपटाए दे रहा है!
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During recently held MLC elections in UP, some bizarre looking names appeared in the voter list. The reasons for such mistakes happening are being looked into and appropriate action is being taken to prevent any reoccurrence. It is being informed that some forged voter slips have also become viral which are being displayed/mentioned by many established media outlets and prominent persons. The person responsible for the forgery will be dealt with as per law. It is requested that before quoting/displaying/publishing as a fact, anything shared by someone on social media regarding the voter list , it may be proper to verify it from the concerned officials. Our officials would promptly respond to any factual query.
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The portal is called Citizen Service Portal and the address of the portal is voters.eci.gov.in. The ECINET mobile app (available on both Android and iOS platforms) may also be used. पोर्टल को नागरिक सेवा पोर्टल कहा जाता है और पोर्टल का पता voters.eci.gov.in है। ECINET मोबाइल ऐप (Android और iOS दोनों प्लेटफ़ॉर्म पर उपलब्ध) का भी उपयोग किया जा सकता है।
नया नाम online जोड़ना चाह रहा हूं लेकिन आपकी site नहीं चल रही है कैसे जोड़े बताए @ceoup
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हालिया विधान परिषद के चुनाव की मतदाता सूची में एक अजीबोगरीब नाम “राम ने शर्मा को मारा” भी है। कंप्यूटर/सॉफ्टवेयर जातिवादी नहीं है। हमारे द्वारा गलती किया जाना स्वीकार है लेकिन हमारे सौभाग्य से गलती होते समय भी जाति का भेदभाव नहीं हुआ है। भगवान का यह भी शुक्र है की राम ने किसी अल्पसंख्यक को नहीं मारा है। नहीं तो जातिवादी होने के साथ-साथ सांप्रदायिक होने का इल्ज़ाम भी लगता।
ज्ञानेश कुमार जी आख़िर राम ने “यादव” को ही क्यों मारा? राम ने किसी सिंह,पाठक,अस्थाना,शर्मा,राय,बिष्ट को क्यों नही मारा? आपका कंप्यूटर घोर जातिवादी है क्या? क्या आप किसी पार्टी का एजेंडा चला रहे हैं? @rajeshyadavaap का जायज़ सवाल।
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महत्वपूर्ण जानकारी: ईपीआईसी की प्रतीक्षा जल्द ही ख़त्म हो जाएगी। जिनका नाम जुलाई के अंत से पहले मतदाता सूची में दर्ज किया गया था उन्हें स्पीड पोस्ट के माध्यम से ईपीआईसी कार्ड नवंबर महीने के अंत तक प्राप्त होगा। देरी पर खेद है। जिन मतदाताओं के नाम अगस्त, सितंबर और अक्टूबर के महीने में दर्ज किए गए हैं, उन्हें यह 31 दिसंबर तक प्राप्त होगा।
Lekin @ero_azamgarh @deo_azamgarh yei nai bata parahe ki sir me form 8 se update hue epic card jo online hi av tak. Uske hard copy address pe kab milege.?? Agar saab free honge to bata dijiyega meherbani se!
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कार्यालय मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश (प्रेस विज्ञप्ति) *मतदाता सूची पुनरीक्षण में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त, त्रुटियों की पुनरावृत्ति पर होगी कड़ी कार्यवाही* *मण्डलायुक्त को रोल प्रेक्षक (Roll Observer) के रूप में सुनिश्चित करना होगा सघन पर्यवेक्षण* *मतदाता सूची में गड़बड़ी पाये जाने पर सम्बन्धित जिला निर्वाचन अधिकारी की भी तय होगी जिम्मेदारी* *कम्प्यूटर सहायकों द्वारा फार्मो की फीडिंग किये जाने पर रोक* *SIR की समाप्ति की तिथि (10 अप्रैल, 2026) से अब तक कम्प्यूटर सहायकों द्वारा फीड किए गए समस्त फामों की अनिवार्य रूप से होगी जांच* *शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण ईआरओ को करना होगा सुनिश्चित* लखनऊ, 25 अक्टूबर, 2026 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूचियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) की तैयारियों के दृष्टिगत 24 अक्टूबर (शनिवार) को समस्त मण्डलायुक्तों, जिला निर्वाचन अधिकारियों, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों, सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों एवं कम्प्यूटर सहायकों के साथ वर्चुअली बैठक की गई। बैठक में निम्नवत् निर्देश दिये गयेः- मतदाता सूची तैयार करने से जुड़े अधिकारियों के आधिकारिक कर्तव्यों के उल्लंघन से संबंधित लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा-32 का भलीभांति अध्ययन करने के निर्देश दिये गये। यह सुनिश्चित किया जाये कि मतदाता सूची के सम्बन्ध में विभिन्न राजनैतिक दलों एवं सोशल मीडिया के माध्यम से प्राप्त शिकायतों की जांच में पायी गई त्रुटियों की पुनरावृत्ति न हो। सभी अधिकारियों का ERONET का अपना लॉगिन आई डी तथा पासवर्ड किसी से भी साझा न किये जाने की हिदायत दी गई। SIR की समाप्ति की तिथि (10 अप्रैल, 2026) से लेकर अब तक कम्प्यूटर सहायक द्वारा फीड किये गये फार्म-6, फार्म-7 एवं फार्म-8 की जांच अवश्य करा ली जाय जिससे की पीलीभीत जैसे प्रकरण की पुनरावृत्ति न हो। यदि इस प्रकार के प्रकरण संज्ञान में आते हैं तो निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं कम्प्यूटर सहायक को उत्तरदायी मानते हुए लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा-32 के अन्तर्गत कार्यवाही की जाएगी। साथ ही जिला निर्वाचन अधिकारी का शिथिल पर्यवेक्षण मानते हुए उत्तरदायित्व निर्धारित किया जाएगा। मण्डलायुक्तों का रोल प्रेक्षक (Roll Observer) के रूप में दायित्व निर्धारित है ऐसे में उनकी जिम्मेदारी है कि वह अपने मण्डल के सम्बन्धित जिलों में मतदाता सूची के कार्यों का सघन पर्यवेक्षण करना सुनिश्चित करें। इस कार्य में शिथिलता पाये जाने पर सम्बन्धित अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही होगी। भौतिक रूप से प्राप्त आवेदन फार्मों की फीडिंग का कार्य कम्प्यूटर सहायक से कदापि न कराया जाय। यह भी सुनिश्चित किया जाय कि भौतिक रूप से प्राप्त समस्त फार्म बूथ लेवल अधिकारी द्वारा ही बी०एल०ओ० ऐप के माध्यम से डिजिटाइज किये जाएं। ईआरओ द्वारा समस्त लंबित फार्म-6, फार्म-7 एवं फार्म-8 की प्रतिदिन समीक्षा करते हुए उनका तत्परतापूर्वक एवं नियमानुसार निस्तारण कराया जाना सुनिश्चित किया जाय। भौतिक रूप में प्राप्त समस्त फार्मों को सुरक्षित रखना सुनिश्चित किया जाय। उपस्थित सभी अधिकारियों को प्रस्तुतिकरण के माध्यम से ECINET का प्रशिक्षण दिया गया जिसमें उन्हें जिला निर्वाचन अधिकारी, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण को डैशबोर्ड पर मिलने वाली जानकारियों एवं की जाने वाली प्रक्रियाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गयी। सभी अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सी०यू०जी० नम्बर के स्थान पर अपने निजी मोबाइल नम्बर को पोर्टल पर अपडेट कराएं ताकि बीएसएनएल नेटवर्क बाधित होने के समय कार्य प्रभावित न हो। समस्त अधिकारीगण पासवर्ड पॉलिसी के तहत अपना पासवर्ड तत्काल परिवर्तित किया जाना सुनिश्चित करें। जनपद बुलन्दशहर, सीतापुर, गाजियाबाद और अलीगढ़ के जिला निर्वाचन अधिकारियों द्वारा सोशल मीडिया में प्रसारित डुप्लीकेट मतदाताओं से सम्बन्धित शिकायतों के संबंध में आख्या समय से न प्रेषित किए जाने के कारण अप्रसन्नता व्यक्त की गयी तथा शीघ्र आख्या प्रेषित किए जाने के निर्देश दिए गए। निर्वाचक नामावली से संबंधित NGSP (National Grievance Service Portal), PGRS (Public Grievance Redressal System), Social Media एवं अन्य माध्यमों से प्राप्त शिकायतों के संबंध में समीक्षा करते हुए निर्देशित किया गया कि 10 अप्रैल से अब तक समस्त माध्यमों से प्राप्त शिकायतों का ईआरओ द्वारा ससमय व गुणवत्तापरक निस्तारण सुनिश्चित किया जाय। यह सुनिश्चित कर लिया जाए कि ECINET एप तथा voters.eci.gov.in पोर्टल पर नागरिकों को उपलब्ध कराये जाने वाली सेवा Book A Call With BLO के अन्तर्गत नागरिको से प्राप्त कोई भी कॉल रिक्वेस्ट 48 घण्टे से अधिक समय से लंबित न रहे। बी०एल०ओ० द्वारा मतदाताओं से कोई सम्पर्क किये बिना ही नागरिक अनअवेलेबल (Unavailable) का विकल्प का चयन किये जाने तथा नागरिकों से प्राप्त कॉल रिक्वेस्ट का उत्तर समय से न दिए जाने से उनको हुई असुविधा की शिकायत प्राप्त होने पर कड़ी कार्यवाही की जाएगी। विशेष अभियान दिवस दिनांक 24 अक्टूबर, 2026 के संबंध में बी०एल०ओ० के समय से बूथ पर न पहुंचने, बी०एल०ओ० के अनुपस्थित रहने आदि से सम्बन्धित प्राप्त शिकायतों की समीक्षा करते हुए अनुपस्थित रहे बी०एल०ओ० से सम्बन्धित आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिये गये। इस सम्बन्ध में आगाह किया गया कि आगामी विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण के दौरान आयोजित किये जाने वाले विशेष अभियान दिवसों में इस तरह की शिकायतों की पुनरावृत्ति क्षम्य नहीं होगी। मतदाता सूची में विद्यमान समस्त दोहरी प्रविष्टियों को समय से हटाने हेतु निर्देश जारी किये गये हैं। आगामी SSR में प्रकाशित होने वाली ड्राफ्ट मतदाता सूची में दोहरी प्रविष्टियाँ न रहें। इस हेतु ससमय समस्त कदम उठाये जायें। @ECISVEEP @SpokespersonECI @ANINewsUP @PTI_News 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प्रसारित रिपोर्ट भ्रामक है एवं प्रसारित न्यूज का पूर्णतः खण्डन किया जाता है। @ceoup @mediacellsp @ECISVEEP
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