अमरेन्द्र खलबली amrendra khalbali retweeted
मुख्यमंत्री जी क्यू बेचारे स्कूल वालो की दिवाली खराब कर रहे हो अब ये स्कूल चलाए या फिर जयपुर रोज हजारी देंगे और यदि सरकार RTE का पैसा नहीं दे सकती तो बंद कर दे योजना को स्कूल वालो की हालत खराब है कमिटमेंट के हिसाब से इनका पेमेंट रिलीज़ करवाए आज।
@BhajanlalBjp
@8PMnoCM
जैसे आपने अंतिम लाइन "चरवाहे" में बता दिया है कि कोई क्यों उस कहानियों से गढ़े इतिहास पर सवाल करता है जो कि इतिहास से ज्यादा दूसरों को नीचा दिखाने के लिए गढ़ा गया था ताकि खुद की सच्चाई को छुपाया जा सके।
मुंहणोत नैणसी की ख्यात मेरे पास भी है पर मैंने कभी उसे डीपली नहीं पढ़ा लेकिन तुम लोग उसका एक एक पन्ना चाट गए हो। तुम राजपूत इतिहास की सारी किताबे ऐसे ही चाटते रहते हो फिर उसमे से हज़ारो शौर्य वीरता पराक्रम की बाते छोड़ वो पॉइंट चुनते हो जिनके द्वारा राजपूतो को नीचा दिखाया जा सके।
क्यों ऐसा करते हो ? क्यूंकि तुम अपने इतिहास को लेकर कुंठित हो। तुम्हारा कोई इतिहास नहीं और जो है उसे तुम्हारे पूर्वज बड़े शौक़ से गजेटियर में लिखवा के जा चुके हैं। अपने बारे में तमाम फ़र्ज़ी कहानिया गढ़ने के बाद भी तुम लोग राजपूतो को नीचा नहीं दिखा पाते औरअपनी लाइन तुम बढ़ी नहीं कर सकते चाहे जो कर लो तो जिसकी लाइन बढ़ी है उसे ही छोटा करो। लोकतंत्र, वोटिंग राइट, आरक्षण के कारण पनपे सारे चरवाहे मजदुर आजकल यही कर रहे हैं। पर होगा कुछ नहीं।
चुनावी राज्यों में कथित रूप से बीजेपी के लिए माहौल बनाने के लिए कथाएं करने वाले बाबा बागेश्वर जैसे ही बयान किसी भीम आर्मी, कांग्रेस या समाजवादी पार्टी समर्थक ने दिया होता तो अब तक उत्तर प्रदेश चुनाव का परिणाम एक ही बयान में तय हो गया होता।
ये बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और आपत्तिजनक समाचार है कि कोई राजनीतिक प्रश्रय प्राप्त ‘लघु-बंधु’ बनकर घूम रहा व्यक्ति सनातन समाज की एकता को तोड़ने का अति निंदनीय कार्य कर रहा है। ये गहरी जाँच का विषय है कि सनातनियों के बीच सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का षड्यंत्र कौन कर रहा है, क्या इसके पीछे कोई बाहरी शक्ति है या आंतरिक, इसकी पड़ताल अपरिहार्य है।
हमारे पूज्य अवतारों के बीच नकारात्मक भाव से जानबूझकर अपमानजनक तुलना की जा रही है। एक अवतार के मुक़ाबले दूसरे अवतार को बेहतर बताने की साज़िश सनातन समाज के विरुद्ध चली जा रही बहुत गहरी चाल है। हर सच्चा सनातनी इन दोनों अवतारों का उपासक होता है। नवमी-अष्टमी का भेद किसी के मन में नहीं होता है। इस अवांछित तुलना से सनातन समाज इतना आहत हुआ है कि दोनों अवतारों के नाम का उल्लेख करके हम उसे और आहत नहीं करना चाहते हैं। सनातन समाज के अतिरिक्त भी अन्य समाज और वैश्विक संगठन भी घोर आहत महसूस कर रहे हैं।
‘लोकरक्षक’ और ‘लोकरंजक’ दोनों ही एक ही के अवतार हैं, दोनों की लीलाएं अपने समय-काल के अनुरूप घटित हुई हैं फिर ऐसी गरिमाहीन तुलना का तर्क क्या है और उसके पीछे क्या मंसूबा है ये स्पष्ट किया जाए।
ईशनिंदा का अपराध करनेवाले ऐसे व्यक्ति के पीछे, उसके किसी संगी-साथी की कुटिल मंशा कार्यरत दिखती है। ऐसे निंदात्मक विषय पर तो हर राजनीतिक दल और उसके समर्थक भी इस तथाकथित वाचक के विरुद्ध एकजुट हो गये हैं। अगर इसे नहीं रोका गया तो इससे समाज में अशांति और असंतोष का वैमनस्यकारी वातावरण बनेगा। ये अक्षम्य पाप है, ऐसे व्यक्ति को समाज, सनातन, देश हित में निरुद्ध-अवरुद्ध करना ही एकमात्र उपाय है।
पूजनीय देवी अहिल्याबाई होल्कर जी की मूर्ति का अपमान, मणिकर्णिका घाट का तोड़ा जाना, जगह-जगह मंदिरों को तोड़ना; परमपूज्य शंकारचार्य जी पर निकृष्टतम आरोप लगाना और उनके बटुकों पर प्रहार करना; जन्माष्टमी मनाने पर रोक लगाते हुए तोड़फोड़ करना; ये सब अनायास ही नहीं हो रहा है, इसके पीछे कोई तो है जो इस छल-कुचक्र को रच रहा है। अब वो सब कहाँ हैं जो अपने को सनातन का ठेकेदार मानते हैं, क्या वो अपने परंपरागत भूमिगत निवास में जाकर छिप गये हैं।
हर धर्म-मज़हब-संप्रदाय या उसके आराध्यों-महापुरुषों के प्रति किसी भी प्रकार का विष-वमन कदापि स्वीकार्य नहीं है।
सर्वोच्च स्तर पर संज्ञान लेकर दंडात्मक कार्रवाई हो।
अमरेन्द्र खलबली amrendra khalbali retweeted
अडानी बहस क्यों करेगा जब अडानी को जल जंगल जमीन के सारे टेंडर मिल रहे हैं।
मुझे लगा बीजेपी नेता का ट्वीट है,
फिर देखा इंडिया टीवी प्रमुख रजत शर्मा है
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बागेश्वर धाम वाले आचार्य धीरेंद्र शास्त्री का तीन साल पुराना एक वीडियो पोस्ट किया और आरोप लगाया कि धीरेंद्र शास्त्री ने भगवान कृष्ण और भगवान राम दोनों का अपमान किया है, इसलिए उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए.
अखिलेश यादव ने बाबा बागेश्वर के खिलाफ आवाज क्यों उठाई? उन्होंने आचार्य धीरेंद्र शास्त्री को BJP का आदमी क्यों कहा?
इसकी वजह पूरी तरह राजनीतिक है. बाबा बागेश्वर ने उत्तर प्रदेश में कथा वाचन का लंबा चौड़ा कार्यक्रम बनाया है. आचार्य धीरेंद्र शास्त्री का प्रवचन सुनने भारी भीड़ आती है.
अखिलेश यादव को लगता है कि रामकथा का फायदा BJP को हो जाएगा, इसलिए वो चाहते हैं कि बाबा बागेश्वर की कथा का कार्यक्रम cancel हो जाए.
आपको याद होगा कि बिहार के चुनाव में भी जब धीरेंद्र शास्त्री कथा करने के लिए गए थे तो, तेजस्वी यादव ने उन्हें रोकने की पूरी कोशिश की थी. लेकिन बाबा बागेश्वर जहां गए, लाखों लोग उन्हें सुनने और देखने आए. उत्तर प्रदेश में भी यही होगा और यही बात अखिलेश को परेशान करती है.
अमरेन्द्र खलबली amrendra khalbali retweeted
Absolutely SHAMEFUL
Ankita Bhandari’s mother collapsed after being dragged by Delhi Police at Rajghat. 💔
And instead of rushing her to a hospital, they’re driving her around in circles.
A mother fighting for justice for her daughter is being treated like a criminal.
केजरीवाल की पार्टी ने पंजाब की क्या हालत कर दी है—
" उसके गानों में पंजाब की आवाज होती थी "
और एक दिन केजरीवाल की पार्टी वाली सरकार ने उसकी सुरक्षा हटा ली, फिर सबके सामने उसको गोलियों से छलनी कर दिया
आज पंजाब में ये आम बात हो गई है कि कोई अपने टैलेंट से आगे बढ़ रहा है तो उसको डराते धमकाते हैं और फिर सब के सामने गोली मार देते हैं।
गहलोत जी भाषण से काफी ऊपर उठ चुके हैं, इसलिए उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष पद ठुकरा दिया था।
अमरेन्द्र खलबली amrendra khalbali retweeted
इसमें क्या गलत है?
आपकी विक्रत सोच दिखाता है
जब भी कांग्रेस या उनके सहयोगी दल एक होने की कोशिस करते है तब बीजेपी ऐसे शिगुफे छोड़ती है अपने शागिर्द के द्वारा.
डोटासरा तो विधानसभा के पटल तक से जांच की बात कह चुके हैं
जब शिखर वाला मामला तूल पकड़ने लगा तो मेंढक कुए के बाहर आये है






















