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आप सभी देशवासियों और प्रदेशवासियों को हम समाजवादी परिवार की तरफ से दिवाली की हार्दिक शुभकामनाएं।
बस हम सभी समाजवादी लोगों को एक काम और करना है कि एक दिया नेता जी के नाम का जलाना है और खूब मेहनत करनी है ताकि अगली दिवाली में अखिलेश यादव जी उत्तर प्रदेश की कमान संभालें।
आप सभी को पुनः दिवाली की हार्दिक शुभकामनाएं अपना ध्यान रखिए और सुरक्षित दिवाली मनाएं।
जय अखिलेश जय समाजवाद
MANISH YADAV लालू retweeted
आप सभी देशवासियों और प्रदेशवासियों को हम समाजवादी परिवार की तरफ से दिवाली की हार्दिक शुभकामनाएं।
बस हम सभी समाजवादी लोगों को एक काम और करना है कि एक दिया नेता जी के नाम का जलाना है और खूब मेहनत करनी है ताकि अगली दिवाली में अखिलेश यादव जी उत्तर प्रदेश की कमान संभालें।
आप सभी को पुनः दिवाली की हार्दिक शुभकामनाएं अपना ध्यान रखिए और सुरक्षित दिवाली मनाएं।
जय अखिलेश जय समाजवाद
भाजपा में बुरी तरह से डर का माहौल है कि कहीं ऐसा तो नहीं कि उत्तर प्रदेश में सरकार के नीचे से जमीन खिसक रही है।
हां, यही सच है।
इस बार न हिंदू मुस्लिम काम आएगा न ही हिंदू विरोधी वाला टैग जो सालों से देते आए थे। पूरा समाज अखिलेश यादव जी को मुख्यमंत्री बनाने के लिए आतुर है। कोई भी नहीं चाहता कि इस बार फिर से भाजपा की सरकार रिपीट हो।
कल जबसे भाजपा के लोग सुने हैं कि अखिलेश यादव अयोध्या जा रहे हैं सिर्फ दर्शन करने उनके अंदर एक अजीब बौखलाहट है।
योगी आदित्यनाथ भी परेशान हैं क्योंकि उन्हें पता है कि अगर अखिलेश यादव अयोध्या आए तो राम मंदिर चंदा चोरी वाला मुद्दा फिर से उभरकर सामने आएगा जो अभी दबा हुआ है।
विनय कटियार हमेशा से धर्म को लेकर आगे रहे हैं लेकिन धीरेन्द्र शास्त्री को जो इन्होंने कहा मैं उसकी निंदा करता हूं।😀
कम से कम कोई तो है जो मुखर होकर बोला।
राम मंदिर में चंदा चोरी से पहले की अयोध्या कुछ और ही थी जब दीपोत्सव होता था तो
पूरे विश्व में डंका बजवाकर रिकॉर्ड बनाया जाता था पूरी नेशनल मीडिया तांडव करती थी 10 दिन पहले से ही सारे बड़े बड़े नेता जुटते थे लेकिन इस बार दीपोत्सव फीका था और उसका कारण था
राम मंदिर चंदा चोरी।
जिसका खुलासा अखिलेश यादव जी ने किया था उसके बाद भाजपा के हौंसले पस्त हो गए।
इस एक प्रकरण में भाजपा की इतनी बदनामी हुई कि उन्होंने सारी चीजों से दूरी बनानी शुरू कर दी। आस्था को जो इन्होंने चोट पहुंचाई है वो अब इनके गले की हड्डी बन चुका है।
अयोध्या हारे, फिर चोरी की बदनामी हुई और अब काशी भी हार गए जिसने उन्हें पीछे हटने को मजबूर कर दिया क्योंकि उन्हें जबतक लाभ लेना था तबतक अयोध्या को दुल्हन की तरह सजाते थे लेकिन अब वो सिर्फ कोटापूर्ति करते हैं।
अखिलेश यादव जी को लेकर जब भी कोई नया फैसला आता है तो कुछ अतिउत्साही लड़के तुरंत सवाल उठा देते हैं।
वो ये भूल जाते हैं कि सामने अखिलेश यादव जी हैं और उनके फैसले पर आप संदेह नहीं कर सकते हैं हर एक मुद्दे का हर एक पहलू का कोई न कोई महत्व होता है।
अब सवाल उठाने से पहले उन्हें थोड़ा दूरदर्शी सोच अपनानी होगी ताकि वो राजनीति को भाँप सकें।
आप लोग ये डिबेट सुनिए शायद कुछ समझ आ जाए और नौसिखिए की तरह बातें मत किया करिए।
आज लखनऊ से सैफई जाते समय जब अखिलेश यादव जी का काफिला एक्सप्रेसवे से गुजरा तो दिवाली की बधाई देने के लिए कई लोग सड़को पर आ गए।
अखिलेश जी आते हैं और काफिला रोककर उनसे मिलते हैं उनके गिफ्ट स्वीकार करते हैं उनसे बात करके उनकी समस्याएं सुनते हैं और चिट्ठी भी लेते हैं फिर बधाई देकर निकलते हैं।
है कोई ऐसा नेता जो ऐसे काफिला रोककर उनकी समस्याएं सुने वो भी रोड पर।
अरे नहीं मिलेगा बाबू बस खोजते रह जाओगे वो हीरा हैं प्रदेश वासियों के लिए और जनता बखूबी समझती है।
ये चर्चा सुनिए मनोज राजन त्रिपाठी और वीरेश पाण्डेय जी की।
संगीत रागी ने पूरे यादव समाज को टारगेट किया लेकिन जितने भी भाजपाई यादव हैं सब चुप्पी साधे रह गए क्योंकि उनका दाना पानी बंद हो जाता।
यादव समाज इन लोगों को बखूबी समझता है ऐसे लोग सिर्फ समाज को बांटने का काम करते हैं और अपना जमीर बेच चुके हैं ये सब सुनने के बाद भी उनका खून नहीं खौला।
अखिलेश यादव जी अपशब्द और बेवजह की बातों से कितने खफा होते हैं अंदाजा लगाइए।
मनोज काका जी को इसपर डांट भी पड़ चुकी है शायद इसीलिए मनोज काका उस दिन चुप थे क्योंकि हमारे नेता का आदेश था।
वरना संगीत रागी जैसे लोग कभी अपशब्द बोलकर नहीं निकल सकते थे।
अखिलेश यादव जी लोगों को सहूलियत के साथ अच्छा व्यवहार करने की सलाह देते हैं। क्योंकि उन्होंने कभी कैमरे पर किसी को चू***या तक नहीं कहा है।
मथुरा और वृंदावन के समस्त संतों और पुजारियों ने धीरेन्द्र शास्त्री का बहिष्कार कर दिया है।
जबसे धीरेन्द्र शास्त्री ने भगवान श्री कृष्ण को लेकर विवादित टिप्पणी की है तबसे सब आहत हैं सिर्फ भाजपाइयों को छोड़कर।
भाजपाइयों को लगता है कि श्री कृष्ण भगवान सिर्फ यादवों के भगवान हैं इसलिए वो इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुई है किसी भी बड़े नेता ने एक लफ़्ज़ भी नहीं बोला है।
अब धीरेन्द्र शास्त्री को उसकी औकात समझ आएगी क्योंकि उसका इसी तरह से बहिष्कार होना चाहिए लेकिन भाजपा उसे अपनी गोदी में बिठाकर राजनीतिक फायदे का लाभ उठा रही।
आजतक के मंच पर अयोध्या के पूर्व विधायक पवन पाण्डेय जी ने भाजपा को धो डाला है उनकी जितनी भी राजनीति धर्म पर टिकी थी सबकी जड़ें हिला दीं।
समाजवादी पार्टी ने कभी भी वोट पाने के लिए धर्म का सहारा नहीं लिया है और न कभी लेंगे।
लेकिन जो लोग धर्म को ही वोटबैंक समझ लिये हैं उनके लिए यहां से उबर पाना मुश्किल है क्योंकि उन लोगों ने इसी को अपना विकास बना लिया है।
जनता के विकास से मतलब नहीं है बस उन्हें खुद के विकास से मतलब रह गया है इसीलिए वो मंदिर मस्जिद की राजनीति करते हैं।
बड़ी खबर 🚨
जिसका इंतजार सारे अंधभक्त, गोदी मीडिया भक्त और अन्य भाजपाई कर रहे थे सवाल उठा रहे थे उसपर भी अब लगाम लगने वाली है।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव जी 12 दिसंबर को अपनी धर्मपत्नी सांसद डिंपल यादव जी के साथ अयोध्या जाएंगे।
इस प्रस्तावित कार्यक्रम की जानकारी अयोध्या के पूर्व विधायक पवन पाण्डेय जी ने दी है और बताया है कि सबसे पहले अखिलेश यादव जी हनुमानगढ़ी मंदिर में दर्शन करेंगे उसके बाद
श्री राम जन्मभूमि मंदिर में प्रभु के दर्शन करने जाएंगे।
भाजपा के असली संस्कारों का परिचय देते हुए येलो अंकल ओम प्रकाश राजभर जी।
ये प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शब्दों से प्रेरित लगते हैं जिन्होंने ANI को ऑन कैमरा क्यूटिया बोल दिया था।
अब ओम प्रकाश राजभर भी मंच से भाजपाई भाषा बोलने लगे हैं और पंचायत चुनाव को लेकर गहमागहमी करते दिख रहे हैं।
वाह क्या सीन है!
धनतेरस के मौके पर साक्षात धन कुबेर के रूप में बलरामपुर भाजपा नेता और नगर पालिका अध्यक्ष धीरेन्द्र प्रताप सिंह धीरू भाई ने एक साथ चार फॉरच्यूनर खरीदी है।
धन कुबेर और लक्ष्मी जी की कृपा बरसती रही तो अगले साल इसकी संख्या बढ़कर आठ भी हो सकती है।
भाजपा की सरकार में नेताओं और छोटे बड़े पदों पर रहने वाले लोगों की मौज ही मौज है अब धीरू भाई की वीडियो बहुत ज्यादा वायरल हो रही है।
या धीरू भाई अंबानी जी थे या फिर बलरामपुर वाले धीरू भाई हैं।
इस दिवाली पर मैंने X पर ही करीब सैकड़ों वीडियो देख चुका हूं लोग एकदम से रीच और लाइक के लिए पागल हो उठे हैं।
यही वाली स्क्रिप्ट पर कईयों वीडियो देखा हूं अब लोगों का त्योहार भी सिर्फ सोशल मीडिया तक सीमित रह गया है उसमें भी सब लोग लगे हुए हैं।
कुछ दिन बाद ये दुनिया एकदम रील में ही बदल जाएगी रियल का सिर्फ आदमी आदमी बचेगा।
अखिलेश यादव जी और भोजपुरिया स्टार खेसारी लाल यादव जी का रिश्ता एक बड़े भाई और छोटे भाई जैसा है।
खेसारी लाल यादव इससे पहले भी कई बार मिल चुके हैं और जब भी मिलते हैं तो ये चुनाव वाला मामला लोग सेट कर देते हैं। खेसारी लाल दिल के बहुत अच्छे हैं उनके अंदर छल नहीं है।
अखिलेश यादव जी का हृदय विशाल है वो एक कलाकार का कितना सम्मान करते हैं ये उन्होंने अपने शासनकाल में दिखा दिया था।
अखिलेश जी खेसारी लाल यादव को बहुत मानते हैं उन्हें एक कलाकार से ज्यादा छोटे भाई के रूप में प्यार मिलता है।
1 महीने से लगातार मैं देख रहा हूं कि भाजपा की रणनीति सिर्फ यही है कि यादवों को अन्य जातियों में लड़ा दो क्योंकि चुनाव के समय ये हमेशा से होता आया है।
भाजपा ऐसे षड्यंत्र करने में माहिर है कभी हिंदू मुस्लिम करने वाली पार्टी अब जातियों को तोड़ने में लगी है क्योंकि हिंदू मुस्लिम अब लोग समझ चुके हैं इसलिए ये नया ट्रेंड आया है।
अब पिछले कुछ दिनों से यही हो रहा है लोगों से बयान दिलवाया जा रहा है ताकि वैमनस्यता बढ़े इसमें कथावाचक से लेकर प्रवक्ता और मीडिया एंकर शामिल हैं।
भाजपा के इस काट से यादवों को सावधान रहना होगा और अपने मुद्दे पर टिके रहकर सबको साथ लेकर चलना होगा यही हमारी PDA है।
जग में सुंदर हैं दो नाम चाहे कृष्ण कहो या राम।
ये तस्वीर अपने आपमें बहुत कुछ कह रही है और सीधे उस कथावाचक के गाल पर तमाचा है जो भगवान का अपमान कर रहा था।
ऐसे लोग भगवान का ही अपमान करते हैं और भगवान के नाम पर अपनी दुकान चलाते हैं।
कुछ भी करो लेकिन भगवान को बांटना सबसे बड़ा महापाप है और ऐसे लोगों से जितनी दूरी हो सके उतनी दूरी बनाइये ये समाज को बांटने का काम करते हैं।
कथा कहने वाला सिर्फ कथा कहे तो ज्यादा बेहतर है जिस दिन वो राजनीति शुरू करता है उसका पतन निश्चित हो जाता है।




