मेरा नाम R P Pathak है, उम्मीद है कि आपमें से काफी लोग मुझे जानते हों। कुछ लोग मुझे पसंद करते हों और कुछ नहीं भी पसंद करते हों , लेकिन अगर आप मुझे जान रहे हैं, तो मुझे स्वाभाविक है कि मेरे बारे में कुछ विचार भी अवश्य रखते होंगे।
मैंने यह जानने के लिऐ ये पोस्ट किया है कि कौन 👇
Replying to @narendramodi
धनतेरस के दिन
कुबेरजी की पूजा के उपरांत
कुबेरजी के मंत्र
ऊँ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धन धन्याधिपतये धन धान्य समृद्धि मे देहित दापय स्वाहा ||
का कम से कम 1 माला का जाप अवश्य कर लीजियेगा।
तभी होगा
Happy Dipawali – at Jiyanpur, India
#धनतेरस_पर्व_की_हार्दिक_शुभकामनाएं धनतेरस के दिन
कुबेरजी की पूजा के उपरांत
कुबेरजी के मंत्र
ऊँ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धन धन्याधिपतये धन धान्य समृद्धि मे देहित दापय स्वाहा ||
का कम से कम 1 माला का जाप अवश्य कर लीजियेगा।
तभी होगा
Happy Dipawali – at Jiyanpur, India
होती है, एक मुखिया की पूजा उसके गाँव में होती है, राजा की पूजा उसके राज्य में होती है और एक विद्वान की पूजा सभी जगह पर होती है।
जय श्री लक्ष्मी जी
जय श्री राम
नवम्बर 6, 2026ईस्वी आज का दिन आप, आपके परिवार, आपके कुटुम्ब तथा आपके इष्ट मित्रों के लिए शुभ,सफल और मंगलमय होधनतेरस की हार्दिक शुभकामनाएँ
।। ॐ सुभाषित ॐ ।।
स्वगृहे पूज्यते मूर्खः स्वग्रामे पूज्यते प्रभुः।
स्वदेशे पूज्यते राजा विद्वान्सर्वत्र पूज्यते ॥
एक मुर्ख की पूजा उसके घर मे
तुला राशि पर है।
चंद्रमा कन्या राशि में संचार करेगा।
व्रत : प्रदोष
त्योहार : #धनतरेस
जय श्री राम – at Jiyanpur, India
श्री अयोध्या पञ्चाङ्ग
दिन : शुक्रवार
दिनांक : 06 नवम्बर 2026
विक्रमी संवत : 2083
मास : कार्तिक मास
पक्ष : कृष्ण
सूर्योदय : 6:38 प्रातः
सूर्यास्त : 5:42 सांय
तिथि : द्वादशी 10:30 प्रातः तक फिर त्रयोदशी
नक्षत्र : हस्त
योग : विषकुम्भ
राहुकाल : 10:47 - 12:10 अपरान्ह तक
सूर्य – at Jiyanpur, India
मो सम दीन न दीन हित तुम्ह समान रघुबीर|
अस बिचारि रघुबंस मनि हरहु बिषम भव भीर ||
हे श्री रघुवीर
मेरे समान कोई दीन नहीं है
आपके समान
कोई दीनों का हित करने वाला नहीं है
हे रघुवंशमणि श्रीरामजी
मेरे जन्म मरण के भयानक दुःख का हरण कर लीजिए
ऐसी ही प्रार्थना नित्य
हम सभी को अपने करनीचाहिए
कोई भेदभाव नहीं है। दोनों समान फल देती हैं। जो मनुष्य इस माहात्म्य को पढ़ते अथवा सुनते हैं, वे समस्त पापों से छूटकर विष्णुलोक को प्राप्त होता हैं। – at Jiyanpur, India
नाश करने वाली है। इसका माहात्म्य मैं तुमसे कहता हूं, ध्यानपूर्वक सुनो।
हे राजन! यह मैंने रमा अथवा रम्भा एकादशी का माहात्म्य कहा है। जो मनुष्य इस व्रत को करते हैं, उनके ब्रह्म हत्यादि समस्त पाप नष्ट हो जाते हैं। कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष दोनों की एकादशियां समान होती हैं, इनमे – at Jiyanpur, India
रमा एकादशी विशेष
मित्रों, धर्मराज युधिष्ठिर कहने लगे कि हे भगवन्! कार्तिक कृष्ण एकादशी का क्या नाम है? इसकी विधि क्या है? इसके करने से क्या फल मिलता है। सो आप विस्तारपूर्वक बताइए। भगवान श्रीकृष्ण बोले कि कार्तिक कृष्ण पक्ष की एकादशी का नाम रमा या रम्भा है। यह बड़े-बड़े पापों का – at Jiyanpur, India
R P Pathak- (रुद्रा) retweeted
Replying to @PRPathak2
💐🙏ॐ शुभ प्रणाम 💐🙏
उत्सव की आड़ में
सजे है उपहार के बाजार
कहीं आकर इनके प्रभाव में
हो ना जाये खर्च की सीमा पार ।
🪷जय माता दी, जय सियाराम जी की 🪷🙏
नवम्बर 5, 2026 ईस्वी आज का दिन आप, आपके परिवार, आपके कुटुम्ब तथा आपके इष्ट मित्रों के लिए शुभ,सफल और मंगलमय हो।
।। ॐ सुभाषित ॐ ।।
प्रियवाक्य प्रदानेन सर्वे तुष्यन्ति जन्तवः।
तस्मात तदैव वक्तव्यम वचने का दरिद्रता।।
प्रिय वाक्य बोलने से सभी जीव संतुष्ट हो जाते हैं, अतः प्रिय वचन – at Jiyanpur, India
सूर्य तुला राशि पर है।
चंद्रमा सिंह राशि में संचार करेगा।
व्रत : रमा एकादशी
श्री अयोध्या नगरी
जय श्री राम – at Jiyanpur, India
श्री अयोध्या पञ्चाङ्ग
दिन : गुरुवार
दिनांक : 05 नवम्बर 2026
विक्रमी संवत : 2083
मास : कार्तिक मास
पक्ष : कृष्ण
सूर्योदय : 6:38 प्रातः
सूर्यास्त : 5:42 सांय
तिथि : एकादशी 10:35 प्रातः तक फिर द्वादशी
नक्षत्र : उत्तरा फाल्गुनी
योग : वैधृति
राहुकाल : 1:33 - 2:56 अपरान्ह तक – at Jiyanpur, India
R P Pathak- (रुद्रा) retweeted
प्रदेश में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय बढ़ाया जा चुका है, रसोइयों का मानदेय बढ़ाया जा चुका है, गांव के चौकीदारों का मानदेय बढ़ाया जा चुका है, पीआरडी के जवानों का मानदेय बढ़ाया जा चुका है...
हम अन्य लोगों के मानदेय को बढ़ाने की प्रक्रिया को भी तेजी के साथ आगे बढ़ा रहे हैं...
बहाने आप ही की परख हो गई है।
आपकी कृष्ण भक्ति दिखावा है।
और कुछ लोग अखिलेश जी को भगवान मानते हैं, कुछ लोग पेरियार और ललई यादव को भगवान मानते हैं, कुछ लोग कृष्ण को नहीं मानते औरंगजेब को भगवान मानते हैं।
वे सारे लोग आज ईश निंदा पर व्यथित हैं, है न कमाल!
भाटी जब कृष्ण को नकारता है तब अखिलेश जी का सेक्युलरिज्म जागता है, अखिलेश जी भाटी आपके बगल में बैठ कर कृष्ण के अस्तित्व पर सवाल उठा दे, तो वो विचार की स्वतंत्रता। और कोई दूसरा कृष्ण को प्रेमिल भाव में टेढ़ा कह दे, तो वो ईश निंदा। वाह, क्या कहने आप के।
अखिलेश जी, जनता को भाटी के
बनता है। इसलिए कृष्ण का अपमान भी आपको सेक्युलरिज्म लगता है।
और दूसरी तरफ शास्त्री, जिसके हर कथा में कृष्ण है, जिसके नाम में भी कृष्ण है, जिसने कहा भी तो कृष्ण को और बड़ा बनाने के लिए कहा, उस पर आप एफआईआर की मांग करते हैं।
यही तो डबल चेहरा है।








