Pinned Tweet
🚨ATTENTION ALL IN 🇵🇰🚨
Dear Brothers and sisters in 🇵🇰, please ensure that Mehtaab K pays this price of this highly disgusting statement!
Can someone make a police complaint in Faisalabad?
this is not a joke, such men put many women in danger and they are just a chance away.
He lives in Faisalabad. Women around him are NOT safe.. even in his own FAMILY
#MoumitaDebnath #justiceformoumitadebnath
@DCFaisalabad @PunjabPolicePaK
20 साल बाद जामिया में छात्र संघ की बहाली का जश्न मना रहे हैं, तो इस खुशी के साथ आंदोलन के संघर्ष और इसे मुकाम तक पहुँचाने वाले चेहरों को भी जरूर याद रखिए। ❤️✊
जामिया में छात्र संघ बहाली की मांग को लेकर भूख हड़ताल की शुरुआत करने वाले शख्स का नाम जासीम अली खान और एबिन है। फिर तीन-चार दिनों के भीतर रेहान हैदर और रेहान मेवाती भी इस संघर्ष में शामिल हो गए। इसके बाद पहली महिला छात्रा रिदा ने भूख हड़ताल पर बैठकर आंदोलन को और मजबूती दी।
लेकिन इस आंदोलन की कहानी सिर्फ भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों तक सीमित नहीं है। इस संघर्ष को लगातार जीवित रखने, छात्रों को एकजुट करने और आंदोलन को उसके मुकाम तक पहुँचाने में कई छात्रों ने दिन-रात एक कर दिया। शादाब अहमद, सूफियान, सोहैल, रेहान, आतिफ और परवेज़ जैसे छात्रों का योगदान बेहद अहम रहा।
इन छात्रों की मेहनत, प्रतिबद्धता और निरंतर सक्रियता के बिना शायद यह आंदोलन आज इस मुकाम तक नहीं पहुँच पाता। ये वो अहम चेहरे हैं जिन्होंने पर्दे के पीछे रह कर आंदोलन को संचालित किया।
इसलिए आज जब आप जामिया में छात्र संघ की बहाली की इस ऐतिहासिक उपलब्धि का जश्न मनाएँ, तो इन चेहरों को अपनी दुआओं में ज़रूर याद रखें। क्योंकि किसी भी आंदोलन की जीत के पीछे उन तमाम लोगों का संघर्ष होता है, जो बिना थके, बिना रुके और बिना किसी स्वार्थ के अपनी लड़ाई जारी रखते हैं।
इस आंदोलन से जुड़ी मेरी अपनी एक याद भी है।
मुझे आज भी याद है, आंदोलन के पहले ही दिन आधी रात को मेरे पास एक कॉल आया था। कुछ छात्र जामिया में छात्र संघ की बहाली की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे थे, लेकिन उनकी आवाज़ न तो मीडिया तक पहुँच पा रही थी और न ही लोगों तक।
कॉल आने के बाद मैं उसी रात तुरंत जामिया पहुँची और ग्राउंड रिपोर्टिंग के ज़रिए छात्रों की आवाज़ को सामने लाने की कोशिश की। मैंने अपने तमाम मीडिया साथियों को भी इस आंदोलन की जानकारी दी, ताकि छात्रों की माँग और उनके संघर्ष की आवाज़ ज़्यादा से ज़्यादा लोगों तक पहुँच सके।
धीरे-धीरे दूसरे मीडिया संस्थानों और पत्रकारों का ध्यान भी इस आंदोलन की ओर गया। छात्रों की आवाज़ दूर तक पहुँचने लगी और आंदोलन को व्यापक समर्थन मिलने लगा। इस पूरे सफर में मैंने भी दिन हो या रात, लगातार ग्राउंड पर रहकर आप तक सही और सटीक खबरें पहुँचाने की कोशिश की।
आज इस संघर्ष को एक मुकाम तक पहुँचते देखकर मुझे भी बेहद खुशी हो रही है। यह सिर्फ छात्र संघ की बहाली की जीत नहीं, बल्कि छात्रों की एकजुटता, हौसले, धैर्य और लगातार किए गए संघर्ष की जीत है। यह उन तमाम छात्रों की जीत है, जिन्होंने अपनी माँगों के लिए मुश्किलों के बावजूद हार नहीं मानी।
जामिया के तमाम छात्रों को इस ऐतिहासिक संघर्ष और उनकी उपलब्धि के लिए सलाम!❤️
उन सभी चेहरों को खास सलाम, जिन्होंने इस आंदोलन की शुरुआत की, इसे मजबूती दी और इसके मुकाम तक पहुँचने में अपना योगदान दिया।
संघर्ष करने वाले चेहरों को याद रखिए, क्योंकि इतिहास सिर्फ जीत का नहीं, उस जीत के लिए लड़ने वालों का भी होता है।
जासीम अली खान ने कहा था, तारीख़ मिटाई नहीं जाती, बल्कि लिखी जाती है। इंशाअल्लाह, हम यूनियन लेकर रहेंगे।
आज उन्होंने और जामिया के छात्रों ने अपने संघर्ष से उस बात को सच कर दिखाया। बेशक, आज इतिहास के पन्नों पर एक नई तारीख़ लिख दी गई।♥️😊
#JamiaMilliaIslamia #JMI #Jamia #StudentUnion #PoojaMathur #RCL #RedChilliLive #RCLNews
जामिया के तमाम छात्रों को इस ऐतिहासिक संघर्ष के लिए सलाम!✊
जीत मुबारक♥️
#JamiaMilliaIslamia #JMI #StudentUnion #JamiaStudents
तमाम संघर्षों के बाद, आखिरकार 20 सालों के लंबे इंतज़ार के बाद जामिया में छात्र संघ की बहाली की घोषणा हुई। ✊❤️
जामिया के तमाम छात्रों को इस ऐतिहासिक उपलब्धि की हार्दिक मुबारकबाद! 💐♥️
2017 में मीरान हैदर ने छात्र संघ की बहाली के लिए जो कोशिश की थी, उसे 2026 में जामिया के छात्रों ने अपने संघर्ष और एकजुटता से पूरा कर दिखाया। ✊❤️
#JamiaMilliaIslamia #JMI #Jamia #StudentUnion #PoojaMathur
देख रहे खुलेतौर पर मारने की धमकी दी जा रही है , जैसे गौरी लंकेश जी को मारा गया।
यही है Modi's New India
This Post is from a suspended account. Learn more
सच की आवाज़ उठाने की कीमत मुक़दमों से चुकानी पड़े, तब भी पत्रकारिता नहीं रुकेगी!
सहारनपुर मस्जिद विध्वंस की रिपोर्टिंग के बाद मेरे ख़िलाफ़ FIR दर्ज हुई। APCR के नदीम ख़ान जी और अधिवक्ता मोहम्मद ख़ालिद जी व उमर ख़ालिद जी का कानूनी मदद के लिए दिल से शुक्रिया।
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 24 अक्टूबर को जमानत आवेदन पर कानून के अनुसार निर्णय लेने का निर्देश दिया। ये राहत की खबर है हालाँकि, FIR अभी रद्द नहीं हुई है।
मैं पीछे नहीं हटूँगी। लोगों की आवाज़ उठाती रहूँगी।
मेरा सवाल आज भी वही है - अगर मस्जिद अवैध थी, तो उसी परिसर में मंदिर वैध कैसे?
- पूजा माथुर | Red Chilli Live
#RedChilliLive #PressFreedom #Saharanpur #PoojaMathur
Pooja Mathur retweeted
चुनाव आयोग के हलफनामे का रितिका चोपड़ा ने पोस्टमार्टम कर दिया है .
एक - एक पॉइंट का जवाब दिया है .
कल केंचुआ का हलफनामा आते ही सरकारी पत्रकार कूदने लगे थे .
अपनी पत्रकारिता को मोदी के दरबार में गिरवी रखने वाले लोग @RitikaChopra__ का जवाब पढ़ें .
BJP ko laaye ho to itna to sahna padega n guru....💔
असम के मुख्यमंत्री का यूपी में काफ़िला जा रहा था,
एक युवक बोलता है
"ए मुख्यमंत्री साहब, रुको सा&&ले"
दरअसल वो युवक एम्बुलेंस के साथ एक घंटे से बैरिकेडिंग में फंसा था जिसके कारण उसके पिता जी की मौत हो गई।
युवक BJP को वोट देकर सरकार बनवाया था,
यही लोग हैं जो अपने रोडशो के दौरान फ़र्ज़ी एम्बुलेंस को रास्ता दिखाकर वाह वाही लूटते हैं।
मैं जामिया आंदोलन को पहले दिन से कवर कर रही हूं, जब कुछ छात्र अकेले बैठकर छात्र संघ की बहाली की मांग उठा रहे थे और उनके साथ खड़े होने के लिए कोई तैयार नहीं था।
दिन-रात एक करके, हर घटनाक्रम पर नजर रखते हुए, हमने उनकी लड़ाई को कैमरे और रिपोर्टिंग के जरिए आप तक पहुंचाया। धीरे-धीरे छात्रों की यह आवाज़ कैंपस से निकलकर जन-जन तक पहुंचने लगी।
कल रात भी जब जामिया प्रशासन को लगा कि एक नोटिस के जरिए छात्रों को संतुष्ट करके आंदोलन खत्म कराया जा सकता है, तब कहानी ने एक नया मोड़ लिया।
भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों ने नोटिस के बाद विक्ट्री मार्च निकाला, लेकिन जब मैंने नोटिस में लिखे शब्दों को ध्यान से पढ़ा और छात्रों के साथ उन पर चर्चा की, तो उसमें मौजूद अस्पष्टता सामने आने लगी। इसके बाद धीरे-धीरे दूसरे छात्र भी सवाल उठाने लगे। आखिरकार, आंदोलन जारी रखने का फैसला हुआ।
पत्रकारिता सिर्फ घटनाओं को कैमरे में कैद करना नहीं, बल्कि उन शब्दों और फैसलों को समझना भी है, जिनका असर लोगों की लड़ाई पर पड़ता है।
हमारा प्रयास था कि छात्रों की मांग, उनकी मेहनत, उनकी भूख हड़ताल और प्रशासन के साथ चल रही बातचीत का हर अहम पहलू आप तक पहुंचे, ताकि कोई भी उनकी आवाज़ को अनसुना न कर सके।
यह सिर्फ जामिया के छात्रों की लड़ाई नहीं, उनके लोकतांत्रिक अधिकारों और छात्र प्रतिनिधित्व की लड़ाई है। हमारी कोशिश है कि उनकी आवाज़ लगातार आप तक पहुंचती रहे।
#JamiaMilliaIslamia #JamiaProtest #JamiaStudentsUnion #GroundReport #RedChilliLive
📍अपडेट । जामिया । 26 Oct
जामिया छात्र संघ बहाली को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों में से दो छात्र एबिन और रेहान आगे भी भूख हड़ताल जारी रखेंगे।
जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्रसंघ बहाली की मांग को लेकर जारी आंदोलन ने अब फिर से एक नया मोड़ ले लिया है। विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार मेहताब आलम रिजवी, असिस्टेंट रजिस्ट्रार अमान अली शाह के साथ बातचीत के बाद भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों ने हड़ताल समाप्त कर दी और विक्ट्री मार्च निकाला।
हालांकि, इसके बाद प्रशासन के नोटिस की भाषा को लेकर छात्रों के बीच असमंजस पैदा हो गया। छात्र छात्रसंघ बहाली की स्पष्ट घोषणा नहीं होने पर सवाल उठा रहे हैं।
नोटिस में छात्रसंघ के संविधान को मंजूरी मिलने के 15 दिन बाद चुनाव कराने की बात कही गई थी।
#JamiaMilliaIslamia #PoojaMathur #JamiaStudents #StudentUnion #JamiaProtest #RedChilliLive
📍 फाइनल अपडेट । जामिया । 7:40 AM । 26 Oct
भूख हड़ताल खत्म, अब छात्रों के बीच असमंजस
जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्रसंघ बहाली की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। आधी रात को विश्वविद्यालय प्रशासन के अधिकारियों और भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों के बीच हुई बातचीत के बाद छात्रों ने अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी और विक्ट्री मार्च निकाला। लेकिन इस घटनाक्रम के कुछ ही देर बाद छात्रों के बीच प्रशासन के नोटिस की भाषा और उसके वास्तविक अर्थ को लेकर असमंजस की स्थिति पैदा हो गई। अब आंदोलन के आगे जारी रहने या समाप्त होने को लेकर छात्रों के बीच चर्चा शुरू हो गई है।
•आधी रात को प्रशासन और छात्रों के बीच हुई बातचीत
छात्रसंघ बहाली की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों से बातचीत करने के लिए आधी रात को जामिया एडमिनिस्ट्रेशन की ओर से रजिस्ट्रार मेहताब आलम रिजवी, असिस्टेंट रजिस्ट्रार (लीगल सेक्शन) अमान अली शाह पहुंचे।
एडमिनिस्ट्रेशन और छात्रों के बीच बातचीत के बाद एक नोटिस दिया गया। भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों ने नोटिस पर हस्ताक्षर किए और इसके बाद अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी।
•एडमिनिस्ट्रेशन के नोटिस पर क्यों उठे सवाल?
भूख हड़ताल समाप्त होने के बाद छात्रों के बीच यह चर्चा फैलने लगी कि आंदोलन कर रहे छात्रों ने प्रशासन के साथ समझौता कर लिया है। इस चर्चा के पीछे मुख्य वजह प्रशासन की ओर से जारी नोटिस की भाषा थी। छात्रों के मुताबिक, नोटिस में छात्रसंघ की बहाली को सीधे और स्पष्ट शब्दों में घोषित नहीं किया गया है। इसके बजाय, नोटिस में छात्रसंघ के संविधान को मंजूरी मिलने के 15 दिन बाद चुनाव कराने की बात कही गई है।
•विक्ट्री मार्च के बीच आंदोलन के भीतर मतभेद
प्रशासन के साथ बातचीत और भूख हड़ताल समाप्त होने के बाद शुरू हुआ विक्ट्री मार्च कुछ ही देर में छात्रों के बीच मतभेदों की चर्चा का केंद्र बन गया।
नोटिस की व्याख्या को लेकर छात्रों के बीच बहस हुई। अलग-अलग विचार सामने आए और कुछ समय के लिए आंदोलन में असमंजस की स्थिति पैदा हो गई। जिन छात्रों को इस घटनाक्रम के बाद छात्रसंघ चुनाव का रास्ता साफ होता दिखाई दे रहा था, वहीं दूसरे छात्र प्रशासन के आश्वासन की स्पष्टता और उसके क्रियान्वयन को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
•क्या फिर शुरू होगी भूख हड़ताल?
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या छात्र अपनी भूख हड़ताल दोबारा शुरू करेंगे?
भूख हड़ताल समाप्त करने से पहले छात्रों ने प्रशासन के नोटिस पर हस्ताक्षर किए हैं। ऐसे में अब आंदोलन को दोबारा शुरू करने का फैसला लेना पहले की तुलना में अधिक जटिल हो सकता है। छात्रों के बीच यह चर्चा हो रही है कि आगे की रणनीति क्या होनी चाहिए और प्रशासन से मिली सहमति को किस रूप में देखा जाए।
फिलहाल, जामिया परिसर में आंदोलन के भविष्य को लेकर चर्चा जारी है। क्या छात्र प्रशासन के आश्वासन पर भरोसा करते हुए आगे की प्रक्रिया का इंतजार करेंगे, या छात्रसंघ चुनाव की स्पष्ट घोषणा होने तक आंदोलन जारी रखने का फैसला लेंगे?
जामिया में छात्रसंघ बहाली की लड़ाई एक निर्णायक मोड़ पर खड़ी है।
- पूजा माथुर
#JamiaMilliaIslamia #RCL #JamiaStudents #StudentUnion #JamiaProtest #RedChilliLive
📍अपडेट । जामिया । रात 3:20 बजे
जामिया छात्रों की बड़ी जीत✊
छात्र संघ बहाली को लेकर जामिया के छात्र पिछले 14 दिनों से कर रहे थे आंदोलन।
एक तरफ जामिया के छात्र विक्ट्री जुलूस निकाल रहे हैं, जिसमें भूख हड़ताल पर बैठे चारों छात्र भी शामिल हैं।
लेकिन दूसरी सबसे अहम बात यह है कि अब तक जामिया प्रशासन की ओर से छात्र संघ की बहाली को लेकर कोई आधिकारिक लिखित बयान सामने नहीं आया है।
रात 4:25 बजे जामिया के रजिस्ट्रार छात्रों के बीच नोटिस लेकर पहुंचे और उनसे संवाद किया। हालांकि, नोटिस में अब भी छात्र संघ की बहाली की स्पष्ट घोषणा नहीं की गई है।
छात्रों की जीत का जश्न अपनी जगह, लेकिन छात्र संघ की बहाली पर आधिकारिक मुहर लगना अभी बाकी है।
#JamiaMilliaIslamia #JamiaProtest #ReclaimJamia #RCL #PoojaMathur #JamiaNews
📍अपडेट । जामिया । 4:20 AM
DSW की नीलोफर,जामिया रजिस्ट्रार महताब आलम रिजवी जामिया छात्रों से संवाद करते हुए।
#JMI #JamiaMilliaIslamia #RCL
#HungerStrike #PoojaMathur
📍अपडेट | जामिया | रात 2:40 बजे | 26 अक्टूबर
जामिया विश्वविद्यालय के असिस्टेंट रजिस्ट्रार और DSW नीलोफर की छात्र संघ बहाली की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों के साथ बातचीत जारी है।
20 साल बाद एक बार फिर जामिया में छात्र संघ की बहाली की उम्मीद नजर आ रही है। अगर ऐसा होता है, तो इसे आंदोलन कर रहे छात्रों की बड़ी जीत माना जाएगा।
#JMISU #JamiaMilliaIslamia #Jamia #StudentUnion #PoojaMathur
📍अपडेट | जामिया | रात 2:00 बजे | 26 अक्टूबर
जसीम को अस्पताल से डिस्चार्ज कराने के बाद जामिया के छात्र एक बार फिर कैंपस में डटे हुए हैं। रात 2 बजे भी कैंपस में सैकड़ों की तादाद में छात्र मौजूद हैं।
अच्छी खबर यह है कि छात्र संघ की बहाली को लेकर जामिया प्रशासन की ओर से जल्द ही घोषणा होने की संभावना है।
जामिया विश्वविद्यालय के असिस्टेंट रजिस्ट्रार और DSW नीलोफर की छात्र कमिटी के साथ बातचीत जारी है।
#JMI #JamiaMilliaIslamia #RCL #PoojaMathur #RedChilliLive






















