Journalist, Columnist, 22 yr Exp, EX CFJ Fellow, Ex state head Swaraj Express, Rajasthan patrika, Dainik jagran, Nai Dunia, Hindustan, DNA

India
Joined November 2009
ये जो लोग गोदी मीडिया गोदी मीडिया कह कर दिन रात बड़ी पूंजी वाली समाचार घरानों को कोसते रहते हैं इनका दूसरा सच भी जाने रहियेगा। दूसरा सच यह है कि इनमें उनका बॉयकॉट करने का हौसला भी नहीं है। इन्हें दरअसल वही चाहिए!इन्हें चाहिए सारे बड़े चैनल,बड़े अखबार। बड़े से आशय एकदम साफ है। बड़ी पूंजी,बड़े नेटवर्क,बड़ी चमक,सितारे एंकर,सितारे रिपोर्टर,कुछ मामलों में बड़े चेक देने वाले संस्थान! तर्क यह है कि हमें तो इनका इस्तेमाल करना है। जरूर करिए।करना चाहिए। पर इनसे पूछिए कि इनमें से किस–किस ने दिल्ली से लेकर रायपुर,लखनऊ,भोपाल,पटना जैसे शहरों से लेकर देश के छोटे–छोटे कस्बों में हर रोज़ लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए संघर्ष कर रहे छोटे–छोटे अखबार,छोटे–छोटे यू ट्यूबर्स को खुद फोन कर के कहा हो कि हम आपके अखबार या आपके चैनल को इंटरव्यू देना चाहते हैं...आप हमारी,लोकतांत्रिक,धर्मनिरपेक्ष मूल्यों की, ताकत हैं,आप सत्ता का मुकाबला कर रहे हैं अल्प संसाधनों के साथ या बिल्कुल ही संसाधानहीनता के साथ,तो हमारी भी जिम्मेदारी बनती है कि हम भी आपके साथ खड़े हों? एक उदाहरण मिल जाए तो बताइएगा। ये काम भी अगर कोई कर रहा है तो दिल्ली से लेकर इंदौर और रायपुर,पटना,भोपाल,लखनऊ जैसे शहरों से कुछ जाने माने पत्रकार ही। दुर्भाग्य है कि जनता के सवालों के लिए,लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए,धर्मनिरपेक्षता और संविधान को बचाने के लिए लड़ने वाले कार्यकर्ता नेता भी बड़ी पूंजी की चमक और स्टारडम का शिकार हैं। हां,एक बात दर्ज करना चाहूंगा। इसे हमारे व्यक्तिगत अनुभव की तरह ही देखिएगा। अपने सीमित अनुभवों से कहूं तो वृंदा करात, पराकला प्रभाकर,प्रभात पटनायक, प्रोफेसर अपूर्वानंद जैसे लोग हैं जो इस चिंता को समझते हैं। इस प्रवृत्ति को भी विचलन कहिए कॉमरेडों! सितारों की रौशनी जब साथ छोड़ेगी तब भी वैचारिक मूल्यों की चिंता करने वाला इस देश का कोई छोटा समाचार संस्थान,कोई लघु पत्रिका,कोई छोटा सा...बहुत कम सब्सक्राइबर आधार वाला यू ट्यूब चैनल आपके साथ ही होगा! - रुचिर गर्ग जी
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मोदी जी के रोड शो में बार बार एंबुलेंस आ जाता था इस बार पता नहीं कैसे अब्दुल का जनाजा आ गया।
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दो साल तक चले आंदोलन के बाद सर्बिया में एलेक्जेंडर युविक की सरकार को जाना पड़ा है। फ्लैश इलेक्शन में छात्र संगठनों ने भारी जीत अर्जित की है। अलेक्जेंडर ने नतीजों से पहले ही अपनी हार मान ली। आने वाला कल छात्रों का है। @kos_data
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राहुल गांधी ने अमित शाह को हत्यारोपी कहा था, तड़ीपार कहते रहते हैं। राहुल को इस आरोप में सुल्तानपुर कोर्ट ने बाइज्जत बरी कर दिया है जबकि राहुल ने स्वीकार कर लिया था कि हां मैने कहा था। मतलब कोर्ट को इसमें कोई बुराई या गलत नजर नहीं आया। न्याय की देवी जिंदाबाद
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ब्राजील में बतौर प्रेसिडेंट लुला की फिर से जीत बताती है कि अब दुनिया भर की जनता दक्षिणपंथ से थक चुकी है। सिंहासन खाली करना होगा। मुबारक प्रेसिडेंट। @julibmoya
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बेशर्मी का चरम देखिए यह भाईसाहब कह रहे हैं संस्थाओं से समाज सुरक्षित रहता है। वह संस्थाएं जहां पर इनके जैसे लोग विराजमान थे जो सपना देखकर आते थे और फैसले सुना देते थे। इस आदमी ने भारतीय न्यायपालिका का सर्वाधिक अपमान किया है। न्यायिक शुचिता को सर्वाधिक चोटिल किया है। आज जो स्थितियां हैं उनके बड़े जिम्मेदारों में से जस्टिस चंद्रचूड़ एक हैं। यह जो युवाओं को संदेश दे रहे हैं उसके पीछे का सच यह है कि इन्हें एहसास हो चुका है कि जब कभी संविधान, संवैधानिक संस्थाओं, मान्यताओं के खिलाफ कुचक्र रचने वालों का मूल्यांकन होगा उसमें इनका भी नाम टॉप लोगों में शामिल होगा।
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संतोष कुमार जी को @ANI समेत तमाम लोगों ने भाजपा का एजेंट बताया था जो खड़गे जी की सभा के घुस आया। जिसे पढ़कर मैंने भी उन्हें भाजपा का बताया। लेकिन वो देशभक्त और दमदार देशभक्त व कांग्रेसी निकले। दरअसल आज खड़गे बाबा की सभा में वो कह रहे थे कि नरेंद्र मोदी ने देश का जीना हराम कर दिया है जब तक विद्रोह नहीं होगा वो नहीं जायेंगे। लोगों को गलतफहमी हो गई। सॉरी भाईसाहब, आप राष्ट्रभक्त निकले।
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इस बात को कहने में मुझे कोई हिचक नहीं है कि इंस्टाग्राम से निकलकर सड़क पर उतरे आंदोलन ने नेहा वोरा को बड़ा नेता बनाया लेकिन सौरव, आशुतोष और दीपिके स्थापित नहीं हो पाए। इसकी वजह कम लोग जानते हैं। NEET आंदोलन की शुरुआत में एक बैठक हुई थी। जिसमें AISA,SFI, AISF समेत तमाम स्टूडेंट यूनियन शामिल हुईं। मीटिंग में निर्णय लिया गया कि सोनम वांगचुक और सीजेपी के लोग अनशन पर बैठेंगे। लेकिन जब आंदोलन शुरू हुआ सोनम के साथ नेहा और अन्य छात्र जिनमें तमाम अब तक गुमनाम हैं अनशन पर बैठ गए। मेरे पास रिकॉर्डिंग है तमाम बड़े स्टूडेंट लीडर इस स्थिति और नेहा के स्टैंड से अवाक थे लेकिन इन सबसे ज्यादा अवाक इस बात से थे कि सीजेपी के लोग अनशन पर नहीं बैठे। सिर्फ इतना ही नहीं बीजेपी से बात करने में भी सीजेपी आगे रही अन्य स्टूडेंट्स को साथ नहीं लिया। जबकि स्टूडेंट्स सिर्फ धर्मेंद्र का इस्तीफा नहीं NEP पर रोक चाहते थे। नेहा ने इस स्थिति को समझा। वह जान गई कि बिना संघर्ष के नेता नहीं बना जा सकता। यह लोग बॉन्ड साइन कर आए, नेहा ने नहीं किया। सीजेपी लड़ते दिखे ,ईमानदारी से लड़ते दिखे यह जरूरी है।
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जस्टिस विपुल पंचोली हैं। शुरुआती असहमति के बावजूद इन्हें सुप्रीम कोर्ट का जज बनाया गया। तीन एयर इंडिया के स्टाफ और 6 लोगों की सुरक्षा के साथ AI 882 AMD-DEL की उड़ान में पहुंचे। वीआईपी बोर्डिंग का रुआब यह कि फ्लाइट 20 मिनट लेट हो गई। यह देश ऐसे ही चलता है ऐसे ही चल रहा है।
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अब जब इज़राइल में वोटिंग को केवल दो दिन बाकी हैं यह वार क्रिमिनल इजरायल जनता को कह रहा है कि अगर मैं नहीं चुना गया तो सेंट्रल इजरायल में ऐसा ही परमाणु विस्फोट ईरान कर देगा जैसा इस फोटो में दिख रहा है। ऐसी ही झूठी धमकियों से तानाशाह राज करते हैं।
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आंतरिक सर्वे में यह ताक़ीद किए जाने के बावजूद भी कि यूपी में मोदी जी और अमित शाह की रैलियां और चुनाव कार्यक्रम न रखे जाएं इसका यूपी चुनाव पर उल्टा असर पड़ सकता है आज मोदी जी का बनारस में रोड शो करा दिया गया। चंद बैनर पोस्टर वाले, कुछ अड्डेबाज बुजुर्गों के अलावा शहर के चंद सेठों की दुख्तराने और बाकी पुलिस वाले कुल जमा 678 लोग मौजूद थे। दरवाजे पर टंगना पड़ा वो अलग से। इस बात का भी भय लगातार रहा कि कोई बनारसी युवा जुमले न बोल दे।
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अल्बानिया में प्रदर्शनकारी कमर्शियल पायरोटेक्निक्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। यह प्रतिबंधित पटाखे हैं जिनका व्यावसायिक इस्तेमाल होता है। अब प्रदर्शन गैर परंपरागत ढंग से हो रहे।
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कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे जी को भड़काने की कोशिश का क्या नतीजा होता है आज पूरा देश देख रहा है। खड़गे बाबा जब कहते हैं कि मोदी क्या मोदी का बाप भी जायेगा तो उनकी आवाज में असीम आत्मविश्वास, आवेश और जिद सब नजर आता है। मानता हूं कि भाजपा और भाजपा के भक्त विक्षिप्त होते जा रहे हैं लेकिन ऐसा नहीं करना चाहिए कि किसी बेकसूर को ऐसे कार्यक्रम में डिस्टर्ब करने भेज दो जहां सिर्फ कांग्रेसी हों। कुछ लोग कहेंगे कि खड़गे बाबा असंसदीय बोल रहे हैं। इसमें असंसदीय क्या है? बाप की जगह पिताजी कह देते तो क्या संसदीय हो जाता?
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सही कहता था चर्चिल
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माननीय सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति जस्टिस विजय बिश्नोई जी के सुपुत्र के शुभ विवाह के उपरांत दिल्ली में आयोजित भव्य स्वागत समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय रेल मंत्री श अश्विनी वैष्णव , केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, प्रमुख उद्योगपति एवं सांसद नवीन जिंदल , सांसद राजीव शुक्ला , भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया आदि उपस्थित रहे। अरे भाई जजों का भी सार्वजनिक जीवन होता है।।ऐसी भेंट मुलाकातें होती रहती है। देखिएगा विजय विश्नोई मौके पर एकदम सटीक न्याय कर देंगे। गजब का दौर है।
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अल्बानिया में छात्र, युवा, प्रोफेसर्स और व्यवसायियों ने पीएम एडी रामा के लिए मुश्किलें बढ़ा दी है। जिस तरह के आग्नेयशास्त्र प्रयोग में लाए जा रहे हैं हम सबने केवल फिल्मों में देखे हैं। जब प्रदर्शनकारी बात करना चाहते थे पीएम बात नहीं करना चाहते थे अब वो बात करना चाहते हैं प्रदर्शनकारी तैयार नहीं हैं। शनिवार सुबह, रामा ने फेसबुक पर एक वीडियो पोस्ट किया जिसमें प्रधानमंत्री कार्यालय के बाहर एक टेबल लगी हुई थी, जिस पर "Dialogue" शब्द वाले कागज़ रखे हुए थे।प्रधानमंत्री ने वीडियो के साथ लिखा, "सुप्रभात।" यह इशारा तिराना में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच आया है, जहाँ कथित तौर पर प्रदर्शनकारियों ने सरकारी बिल्डिंग के बाहर रामा द्वारा बातचीत के लिए बैठने के न्योते के तौर पर रखी गई कुर्सियों और पत्थर की बेंचों को ठुकरा दिया है। प्रदर्शनकारी प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं, जबकि रामा ने कहा है कि वह पद नहीं छोड़ेंगे और बातचीत के लिए तैयार हैं। सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बढ़ते तनाव के बीच, इस नए प्रदर्शन में देशभर के स्टूडेंट्स, यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर और बिज़नेस कम्युनिटी के प्रतिनिधियों के एक साथ आने की उम्मीद है।
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अनंत सिंह के निष्कासन के बाद जनता दल यू में बड़ी टूट के आसार हैं टूटना भी चाहिए। मुझे लगता है जो हिस्सा टूटेगा वो बीजेपी में शामिल हो जायेगा। अनंत खुद भी बीजेपी में शामिल हों तो आश्चर्य नहीं होना चाहिए।बिहार में सत्ता के समीकरण बदलने वाले हैं। जनता दल यू जल्द इतिहास होगी।
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