Exx Cricketer (@old_cricketer) header
Exx Cricketer (@old_cricketer) profile picture

parody भूतों के पैर नहीं होते। आपका पुराना एक्स अब ओल्ड है। वही ,क्रिकेट ,कूटनीति और धर्म की बातें । रीच नहीं सोच पर फोकस है https://teapawt.net/t.co/0v0bHSe2uv

Joined April 2022
Photo by Exx Cricketer (@old_cricketer)Photo by Exx Cricketer (@old_cricketer)Photo by Exx Cricketer (@old_cricketer)Photo by Exx Cricketer (@old_cricketer)Photo by Exx Cricketer (@old_cricketer)Photo by Exx Cricketer (@old_cricketer)Photo by Exx Cricketer (@old_cricketer)Photo by Exx Cricketer (@old_cricketer)Photo by Exx Cricketer (@old_cricketer)Photo by Exx Cricketer (@old_cricketer)
फिल्मी कहानियां, रोमांटिक उपन्यास और रोमियो जूलियर के नाटक पढ़ के बुद्धि खराब करने वाली प्रजाति असली प्रेम नहीं समझ पाती जो ज्यादातर पति पत्नी में ही हो पाता है। वो भी बच्चे पैदा होने के बाद।
3
4
24
700
आज मार्किट में दो तीन जगह किसी न किसी अलग अलग जगह किसी न किसी पिता को अपने किशोरवय बेटों बेटियों को शॉपिंग करवाते हंसते खेलते झगड़ा झिकझिक करते (ये बेटियां ही करती हैं बाप से) देखा। जब बच्चों की माएं उनके सात नहीं थीं। ये एक अद्भुत तरह का सुख है। हम लोगो के बचपन में शायद ही पंद्रह सोलह के होने के बाद पिता जी लोग शॉपिंग में साथ जाते थे। ये अद्भुत सुख केवल भारतीय पारिवारिक व्यक्ति ही समझ सकते हैं जिन्हें अपनी पत्नी बच्चों घर परिवार से प्यार हो कि अपने बच्चों के साथ लड़ते झगड़ते शॉपिंग करने में क्या मजा आती है जब बेटी बाप को डांट रही हो कि रात में आइसक्रीम मत खाओ, मम्मी को बता दूंगी। भाई बहन से कह रहा हो कि काली ड्रेस में तुम और काली लगोगी। बाप बेटे को फटकार रहा हो कि चुपचाप फॉर्मल व्हाइट शर्ट खरीद, ये दूसरी वाली नहीं चलेगी। भाई बहन दुकान के अंदर झगड़ जाएं और बाप दुकान के बाहर चुपचाप गोलगप्पे खा रहा हो कि बच्चे न देख लें। ये अद्भुत और प्यारे दृश्य होते हैं जो दीपावली जैसे पर्व पर किसी भी शहर में अक्सर देखने को मिल जाते हैं। लेकिन इस सबके होने दिखने के लिये क्या जरूरी है? मार्केट? नहीं! त्यौहार? नहीं! परिवार? हां! परिवार जरूरी है जो एक स्त्री और एक पुरुष मिल के बनाते हैं। इसी हिंदू भारतीय परिवार नाम की संस्था को बहुत से लोग तोड़ने में जुटे रहते हैं। और हर त्यौहार पर यही हिंदू भारतीय परिवार ऐसे लोगों को उनकी औकात बताते निकल जाते हैं। गोलगप्पा खाते हुये। कभी कभी आइस्क्रीम भी।
5
33
2
122
3,389
बुराई कितनी भी लंबी क्यों न चल जाये, उसका अंत बुरा ही होता है।
1
3
43
788
सियावर रामचन्द्र की जय पवनसुत हनुमान की जय
2
1
1
172
1,127
हर हर महादेव
1
1
80
632
यूपी के धरातल का माहौल समझना है तो केवल खाद देने वाली सोसायटी के एक चक्कर लगा लें। बहुतों के बहुत से भरम दूर हो जायेंगे।
एक बात तो स्पष्ट है कि यूपी चुनाव को लेकर यूपी वाले भाजपाई भी उदासीन हैं । और मुखर कौन हैं , बिहार वाले, mp वाले, गुजरात वाले, महाराष्ट वाले , राजस्थान वाले । जानते हो क्यों ?? क्योंकि यूपी वाले माहौल की जमीनी हकीकत देख रहे हैं , यूपी वाले इस सरकार की भी धरातल पर सच्चाई देख रहे हैं , इसलिए वो खामोश हैं क्योंकि अंदर से दिल गवाही नहीं दे रहा जिससे उनके अंदर जोश आ सके और वो उसी तरह से पार्टी के लिए समर्पित हो जाएं जैसे 2014 से लेकर 2019 तक हुआ करते थे । 2022 के चुनाव में अंत में जाकर अधूरे मन से समर्थन कर दिए थे । लेकिन अब तो एकदम से निराश हो चुके हैं । खैर अन्य राज्य वाले , इस बार यूपी में आकर भाजपा को चुनाव जिताएंगे ।
11
29
3
256
16,587
अमीर लोग्स का बी एफ (ब्रेक फास्ट)
5
2
29
1,054
हर हर महादेव
4
1
84
717
सियावर रामचन्द्र की जय पवनसुत हनुमान की जय
6
3
117
772
वैसे याद आया तो बताते चलें। भाजपा ने न यूजीसी बिल वापस लिए न कभी वापस लेने की बात की। कोर्ट की वजह से रुका है।
11
144
2
619
5,819
कौन से सरकारी चपरासी को 45000 प्लस टी ए डी ए मिलता है? कोई नया नशा मार्केट में आया है क्या जो मुझे न पता चला अभी तक?
8वां बेतन आयोग की असलियत, इससे प्राइवेट सेक्टर में काम करने वालों को क्या लाभ? एक प्राइवेट नौकरी वाला लड़का 5 साल घिसता है, 2 बार कंपनी बदलता है, रात 9 बजे तक लैपटॉप पर रहता है तब जाकर उसकी सैलरी ₹45,000 होती है। वहीं सरकारी में 10वीं पास चपरासी को पहले दिन से ₹45,000 + DA + HRA + मेडिकल + पेंशन मिल जाता है। तो टैलेंट कहाँ जाएगा? जाहिर है सरकारी की तरफ। दूसरा गुस्सा इस बात का है कि ये ₹45,000 टैक्स पेयर के पैसे से आएगा। वही प्राइवेट वाला जो ₹45k कमाता है वो 30% टैक्स देता है और उसी टैक्स से सरकारी सैलरी बढ़ती है। तीसरी बात काम की। प्राइवेट में काम नहीं किया तो बाहर। सरकारी में Pay Commission में सबका बराबर बढ़ेगा, काम करो या न करो। लेकिन सच ये भी है 2016 में जो ₹18,000 था आज महंगाई में उसकी वैल्यू आधी रह गई है। सरकार को अपने 50 लाख कर्मचारियों को महंगाई से तो बचाना ही पड़ेगा। और वो चपरासी भी ऐसे नहीं बन जाता, 2 साल SSC की तैयारी करता है तब जाकर नंबर आता है। हमारे देश में प्राइवेट सेक्टर को इतना कमजोर बना दिया गया है कि ₹45,000 भी लग्जरी लगता है। सरकार को सरकारी सैलरी घटाने पर नहीं, प्राइवेट की सैलरी और सिक्योरिटी बढ़ाने पर सोचना चाहिए।
20
19
2
191
9,831
सियावर रामचन्द्र की जय पवनसुत हनुमान की जय
2
3
97
783
हर हर महादेव
4
1
1
93
686
उस लड़के का बिना कोई हिचक इनकाउंटर कर देना चाहिए बिना किसी सहानुभूति के। और उसके बाप को किसी भी अर्जी फर्जी मामले में गिरफ्तार कर लेना चाहिए तुरंत।
8
48
5
379
17,137
दो मरी छिपकली बदबूदार बिल्ली की पॉटी। दरवाज़े का गोबर। इन सबको साफ करना। भंडरिया का पूरा सामान उठा के बाहर रखना। भंडरिया में पोंछा लगाना और पूरा अगड़म बगड़म फिर वापस भंडरिया में सही से रखना। इस सब करने का क्या रेट चल रहा आजकल लेबर मार्केट में? एक दोस्त ने पूँछा है।
9
2
39
1,633
कड़वा सच
अधिकतर सरकारी नौकरी ऐसी बनतीं जा रही है कि अधिकारी लोग सोचते हैं कि छोटे कर्मचारी अनाथ है। उनका कोई परिवार नहीं है। उन्हें तुम कभी भी, किसी भी दिन, किसी भी समय बुलाकर 24 घण्टे के दिन मे 25 घण्टे भी काम करा सकते हो। पुलिस, रेलवे, सरकारी डॉक्टर, प्राशासनिक सेवा के छोटे कर्मचारियों
5
13
132
4,236
Exx Cricketer retweeted
एक महिने मे भाग जाएगा। इतने भयंकर हालत है कि कर्मचारी या तो ड्यूटी पर होता है या आ कर सो जाता है। 80% कर्मचारी घर से दूर रहते हैं। ट्रांसफ़र तो जैसे होने ही बंद हो गए हैं। हर अधिकारी का ध्यान आते ही इस बात पर रहता है कि कर्मचारी रविवार या अपनी छुट्टी लेकर कुछ दिन चैन से ना रह ले
4
21
119
8,396
Exx Cricketer retweeted
के बुरे हालात है। अध्यापक की नौकरी भी नर्क जैसी बनतीं जा रही है। सरकारी नौकरियों के टार्गेट प्राइवेट एमएनसी को भी फेल कर रहे हैं। टार्गेट ऐसे मिलते हैं कि काम असंभव होता है। सरकारी बैक कर्मचारी, डाक कर्मचारी रात मे सो नहीं पा रहे हैं। सरकारी नौकरी कोई एमएनसी मे काम किए हुए आदमी
3
19
2
130
8,377
Exx Cricketer retweeted
अधिकतर सरकारी नौकरी ऐसी बनतीं जा रही है कि अधिकारी लोग सोचते हैं कि छोटे कर्मचारी अनाथ है। उनका कोई परिवार नहीं है। उन्हें तुम कभी भी, किसी भी दिन, किसी भी समय बुलाकर 24 घण्टे के दिन मे 25 घण्टे भी काम करा सकते हो। पुलिस, रेलवे, सरकारी डॉक्टर, प्राशासनिक सेवा के छोटे कर्मचारियों
46
136
16
815
82,706
सियावर रामचन्द्र की जय पवनसुत हनुमान की जय
4
5
1
137
934