टाटा के ख़त्म होते ही भारतीय कॉरपोरेट जगत पर गुजराती लॉबी का एकछत्र राज हो जाएगा। टाटा समूह अंतिम पारसी कॉर्पोरेट घराना बचा हुआ है।
क्या गोदी मीडिया को भारत की जनता माफ़ करेगी?
📺 “We reported events one-sidedly for years”: Serbian TV apologizes to viewers after Vučić's party loses the election
Radio Television of Vojvodina (RTV) opened its news broadcast with footage of celebrations following the Student List's election victory — scenes it had failed to show the previous evening.
“For years, we failed to fulfill our duty. We kept silent, turned a blind eye, reported events one-sidedly, and failed to ask the necessary questions. For that, we owe our viewers an apology,” news anchor Goran Eror said.
Following the controversy, RTV's acting editor-in-chief Nenad Čačić resigned.
A similar incident occurred in Hungary, where state television also apologized to viewers after Viktor Orbán's election defeat.
इस इंसान की ख़ुशी और इस अनुभव को प्रिविलेज वाले लोग नहीं समझ सकते। पहली बार फ्लाइट में सफ़र करने का अनुभव ही अलग होता है। ऐसे किसी का अनुभव देखकर हमे भी बहुत ख़ुशी होती है। एक-दो बार तो मैंने भी लोगों की फ़ोटो और वीडियो लेने में मदद की है।
विवेक रामास्वामी के मिडिल स्कूल के शिक्षक भी अब उनके विरोध में उतर आए हैं। अपनी महिला प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ बेहद घटिया टीवी विज्ञापन बनाने को लेकर विवेक को लोगों की नाराज़गी झेलनी पड़ रही है।
हमने भी कल इस पर आपत्ति जताई थी। आज ये माफ़ी माँग रहे हैं, लेकिन अभी तक अपना ट्वीट डिलीट नहीं किया है।
Replying to @ceoup
ये उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी का आधिकारिक हैंडल है। लेकिन कमेंट भाजपा आईटी सेल की तरह कर रहा है।😊
जब मंत्री शोषण का महिमामंडन कर रहे हैं, तो कॉरपोरेट जगत पीछे कैसे रहेगा?
पिछले सप्ताह एक बीटेक किए हुए परिचित लड़के का चार राउंड इंटरव्यू के बाद एक स्टार्टअप में चयन हुआ। कंपनी ने छह महीने बिना वेतन काम करने और फिर वेतन पर विचार करने की शर्त रखी। साथ में 18 महीने का बॉन्ड भी साईन करने कहा। ताकि नौकरी छोड़ ना सके।
क्या भारत में इस तरह शोषण करना कानूनी है?
कुछ साल पहले तक इसके घर में खाने तक के पैसे नहीं थे, और आज इस तरह की बकवास कर रहा है। लगता है, आरएसएस की शाखा में जाकर इसका पूरी तरह ब्रेनवॉश हो गया है।
ये देश का हाल है, जहाँ ग़रीब छात्रों को पढ़ाई की फ़ीस भरने के लिए अपना ख़ून तक बेचना पड़ रहा है। एक देश और समाज के तौर पर इससे बड़ी विफलता और क्या हो सकती है?🙁
इस समय दुनिया उथल-पुथल के दौर से गुज़र रही है। आख़िर क्या कारण है कि दुनिया भर में नवउदारवादी व्यवस्था विफल हो रही है और दक्षिणपंथ का उभार हो रहा है? इसका विकल्प क्या हो सकता है? इन सवालों पर वरिष्ठ पत्रकार सतेंद्र जी ने विस्तार से बात की। क्लबहाउस पर इस चर्चा की रिकॉर्डिंग सुन सकते हैं।
clubhouse.com/i/the-world-in…
Santosh Yadav, Ph.D. retweeted
Congratulations to Lula on his extraordinary reelection victory in the Brazilian presidential election.
Lula has stood up for Brazilian workers & democracy — and will continue to do so in the next four years.
President Luiz Inácio Lula da Silva came from behind to win Brazil’s runoff election, halting a right-wing wave sweeping Latin America and defying predictions that the 80-year-old political veteran had finally reached the end of his extraordinary career. bloomberg.com/news/articles/…
इस समय जब दुनिया भर में दक्षिणपंथ का प्रभाव बढ़ रहा है, ब्राज़ील में वामपंथी नेता लूला चौथी बार राष्ट्रपति चुनाव जीत गये हैं।
ओबामा लच्छेदार भाषण देते हैं। जब वे अमेरिका के राष्ट्रपति बने तो सात देशों पर बमबारी किया। इसके बावजूद उन्हें शांति का नोबेल पुरस्कार मिला। उनके कार्यकाल में ऐसा कोई बड़ा नीतिगत बदलाव नहीं हुआ, जिससे अश्वेत अमेरिकियों के जीवन में बुनियादी सुधार आया हो।











