🪷
श्री श्री १०८ श्री बड़ी दुर्गा महारानी माँ, शादीपुर, मुंगेर 🙏🌺
#शारदीय_नवरात्रि #दुर्गाष्टमी
🪷
श्री श्री १०८ श्री बड़ी काली महारानी माँ, शादीपुर, मुंगेर 🙏🌺
#शारदीय_नवरात्रि #दुर्गा_अष्टमी
पथिक retweeted
12 HARSH TRUTHS ABOUT PEOPLE:
1. The most honest - are alone.
2. The kindest - were broken by life.
3. The bravest - were once the most afraid.
4. The calmest - went through hell.
5. The loudest - are empty inside.
6. The most loving - know how to let go.
7. The smartest - doubt themselves.
8. The strongest - cry alone.
9. The most beautiful - don't see themselves that way.
10. The most free - expect nothing from others.
11. The most dangerous - smile.
12. The happiest - compete with no one.
🙏
ईश्वर से प्रेम करना,
और निभाना आसान नहीं होता...
संभवत इसलिए, कि हमारे प्रेम के बदले ईश्वर हमसे ये नहीं कह पाता, कि "मैं भी तुमसे प्रेम करता हूँ..."
पायल @456_payal
पथिक retweeted
ईश्वर की तरह
अदृश्य ही रहना तुम
ताकि मेरा विश्वास बना रहे देवत्व में
और मैं उकेर लूँ एक मनचाही मूरत
तुम्हारी अनदेखी सूरत को शब्द देकर
करता रहूँ प्रेम
तुम्हारे ईश्वरीय स्वरूप से
और जीवित रखूँ अभिलाषा
तुम्हारे साकार दर्शन की
सुन रहे हो न मेरे अभीष्ट !
~नरेश गुर्जर 🌼💌
पथिक retweeted
रोने के बदले अपनी तबाही पे हँस दिया
'शाकिर' ने इस तरह गिला-ए-आसमाँ किया
~ शाकिर कलकत्तवी 🖤
"But the heart sometimes blindly seeks suffering."
~ Albert Camus 🤍
.
गोरी जोवै बाट री
गीतकार और गायक - चम्पे खान
youtu.be/p4wzTHo8gbw?si=lP9i…
पथिक retweeted
अक्टूबर
रवि यादव
बहुत कुछ खोने के बाद भी
खोया हुआ-सा कुछ बचा रह जाता है हमारे पास
कुछ बचने के बाद भी
कितना खोया हुआ लगता है बहुत कुछ
तितली अपने रंग खो देती है
और आसमान नीला पड़ जाता है
खोए हुए तितली के रंग की तरह
खो जाती हैं स्मृतियाँ
और बस जाती हैं
एक गहरे रंग का दाग़ बनकर
तुमने आख़िरी बार आवाज़ क्यों दी थी!
उस आवाज़ में अगर शब्द होते
तो कितना कुछ जान पाता मैं
उस आवाज़ की ध्वनि में भटक रहा मैं
उन प्रश्नों के जवाब मैं ढूँढ़ता हूँ ख़ुद की नसों में
मेरी नसों में ख़ून के बजाय बहते हैं वे प्रश्न
एक जाना हुआ प्यार अनजाने में जीते हैं
अनजाने में जानते हैं सब कुछ
प्यार की भाषाओं के हरसिंगार झर नहीं पाते किसी सुबह!
वे अटके रह जाते हैं किसी टहनी
किसी पत्ते पर झरते-झरते
अनजाने में मैं जानता हूँ तुम्हारा प्यार
अनजाने में तुम जानती हो हमारा प्यार
अनजाने में ही छिपी होती है
जानने की सबसे बड़ी धुन
सब कुछ जानते हुए कितने अनजान रहे हम
फिर भी कैसे मान लूँ मैं कि अनजान थी तुम प्यार से
उस रात छत से गिरते वक़्त तुमने मेरा नाम क्यों लिया!
क्यों पूछा?
‘व्हेयर इज डैन!
.
रूकने को तुम्हारा
शहर ढूंढती है
मेरी आँखों से
गुजरती है -
जो एक रेलगाड़ी ।
@Kitabganj1
.
दुःख से भरी आँखें
धरती में नहीं गड़तीं
आसमान को तकती हैं
सुख समझाता है कि
ये संसार अपना है
दुःख दिखलाता है कि
आसमान थोड़ा अधिक अपना ।
पायल @456_payal











