
ALT टीम कॉम्बिनेशन या चहेतों का प्रोटेक्शन? ये कैसा मजाक है ! कुलदीप यादव और वरुण चक्रवर्ती जैसे वर्ल्ड क्लास मैच विनर स्पिनर बाहर बैठे हैं, और कोच साईराज बहुतुले कह रहे हैं -"टीम कॉम्बिनेशन की वजह से मौका नहीं मिल रहा, लड़के नेट्स पर बंद दरवाजों के पीछे मेहनत कर रहे हैं. " वाह ! मतलब जो गेंदबाज अकेले दम पर मैच पलट देते हैं और वो अब नेट्स पर पसीना बहाएंगे और जो 10 ओवर में 90 रन लुटा रहे हैं, वो 'तय गेंदबाजी संयोजन' के नाम पर टीम में टिके रहेंगे ? 87 रन की शर्मनाक हार के बाद अभी आपको कुलदीप - वरुण की जरूरत महसूस नहीं हो रही तब कब होगी ? क्या हैमिल्टन में 300 रन लुटने के बाद याद आएंगे ? ये कॉम्बिनेशन नहीं, बहानेबाजी है. फैंस बेवकूफ नहीं हैं - सब दिख रहा है कि किसे बचाया जा रहा और किसे सड़ाया जा रहा है !






































