Mahmad Asharaf Meman retweeted
हैदराबाद मूल की 27 वर्षीय 'जेन जेड' नबीला सैयद की इलिनोइस के एक निर्वाचन क्षेत्र से हाउस प्रतिनिधि के रूप में जीत भी काफी उल्लेखनीय है। प्रतिष्ठित बर्कले यूनिवर्सिटी से शिक्षा प्राप्त करने वाली डेमोक्रेट नबीला ने एक रिपब्लिकन सीट को अपने पाले में कर लिया!
Mahmad Asharaf Meman retweeted
महिलाओं को सबसे ज्यादा पावर और राइट देने वाला धर्म इस्लाम है।
जब मैने ये पढ़ा तो में दंग रह गई चौंक गई।
Mahmad Asharaf Meman retweeted
₹50,000 से कम में शुरू होने वाले 13 धांसू धंधे जो पहले दिन से नकद पैसा छापते हैं 🔥
1. Tiffin & Cloud Kitchen — घर की रसोई से ऑफिस और हॉस्टल वालों को खाना भेजो, 50% शुद्ध बचत
2. चाय-कॉफी Kiosk — ₹30,000 का सेटअप, कॉलेज या बाजार के बाहर रोज़ ₹2,000 नकद
3. Car Washing & Foam सेंटर — ₹25,000 का प्रेशर पंप, हर गाड़ी पर ₹250 की सीधी कमाई
4. कस्टमाइज्ड T-Shirt व मग प्रिंटिंग — ₹100 की लागत वाला आइटम ₹350 में हाथों-हाथ बिकता है
5. Mobile टेम्पर्ड ग्लास व कवर स्टॉल — ₹15 का ग्लास ₹100 में, सीधा 500% का मुनाफा
6. RO ठंडे पानी के जार की सप्लाई — ₹3 की लागत का कैंपर दुकानों और दफ्तरों में ₹25 में जाता है
7. देसी मसाला व आचार पैकिंग — शुद्ध घर के मसालों की कॉलोनियों में मुंहमांगी कीमत मिलती है
8. फोटोकॉपी व ऑनलाइन फॉर्म सेंटर — कोर्ट, कॉलेज या तहसील के बाहर 100% नकद कमाई
9. सुबह का हेल्दी नाश्ता (पोहा, इडली, स्प्राउट्स) — सिर्फ़ 4 घंटे का काम, महीने के ₹45,000 पक्के
10. बर्थडे व बैलून डेकोरेशन — ₹2,000 के सामान से एक पार्टी में ₹7,000 का सीधा बिल
11. पुरानी कार व प्रॉपर्टी ब्रोकरेज — ₹0 निवेश, सिर्फ़ दो लोगों को मिलाकर एक डील में ₹20,000 कमीशन
12. फ्रेश फ्रूट जूस व शेक कॉर्नर — ₹20 के फल से ₹80 का गिलास, गर्मियों में नोट छापने की मशीन
13. लोकल दुकानों का Social Media हैंडल करना — फोन से रील्स बनाकर दो और हर दुकान से ₹5,000 महीना लो
बड़ा धंधा करने के लिए करोड़ों नहीं, बस शुरुआत करने का जिगरा चाहिए!
कम पैसे में अपना काम शुरू करो l
Mahmad Asharaf Meman retweeted
आज नेहा सिर्फ बोल नहीं रही थी ज्ञानेश कुमार को उसकी कुर्सी से उठाकर जेल के सलाखों में कसने के मजबूत इरादे को जाहिर कर रही थी। आवेग था, आवेश था, जिद थी, गुस्सा था, सब था जो इस मनबढ़ सरकार के खिलाफ होना चाहिए।
ज्ञानेश कुमार को जाना होगा। जाना होगा तो जाना होगा।
Mahmad Asharaf Meman retweeted
अंकल कह रहे हैं हिंदू धर्म की किताबों में लोगो को अलग अलग अछूत अपवित्र शूद्र वेश्य के रूप में बताया गया।
लेकिन कुरआन में किसी मानव के साथ कोई भेदभाव नहीं सब बराबर है एक मस्जिद में नमाज़ पढ़ सकते हैं इसलिए इस्लाम विश्व में फेल गया।
यहीं सच्चाई हैं
Mahmad Asharaf Meman retweeted
इस रिपोर्ट को देखिए! यह रिपोर्ट बांग्लादेशी घुसपैठ के मिथ्य की पोल खोल रही है। कर्नाटक की 52 विधानसभाओं में 127 विदेशी नागरिग मिले हैं, इनमें 12 मुस्लिम सात ईसाई और 108 हिंदू हैं। नफ़रती गैंग कहता है कि देश में पांच करोड़ घुसपैठिए हैं। गज़ब है ना!
Mahmad Asharaf Meman retweeted
मोदी और शाह बताते रहे हैं कि देश में करोड़ों घुसपैठिये हैं, जिनको विपक्ष बचा रहा है। तो भाजपा ने SIR करवाकर कितने विदेशी घुसपैठिये खोजे? जो करोड़ों घुसपैठिए थे, वे कहां गए?
कर्नाटक की 52 विधानसभाओं में 127 विदेशी नागरिग मिले। इनमें से 12 मुस्लिम, 7 ईसाई और 108 हिंदू हैं। दो लाख फॉर्म 7 में से सिर्फ 127 मिले हैं जिनकी नागरिकता संदिग्ध है। फिर पूरे कर्नाटक में 97 लाख नाम क्यों काटे गए?
पूरे कर्नाटक में कुल 716 विदेशी नागरिक मिले, जिसमें 545 नेपाली हैं और 6 राज्यों में कुल 1600 विदेशी नागरिक मिले हैं।
भाजपा ने पूरे देश से झूठ बोलकर जनता के दिमाग में जहर घोला, देश के संसाधन बर्बाद किए, इस बहाने जनता को गुमराह किया और वोट चोरी का रास्ता साफ किया।
Mahmad Asharaf Meman retweeted
गुजरात में दंगे हुए मुस्लिमों को मारा यहां तक कि मुस्लिम महिलाओं के साथ बलात्कार किए जो गर्भवती थी उनके पेट से बच्चे निकाले गए।
लिखने में ही कितना बुरा लग रहा है तो सोचो जो ये तुच्छ काम किए वो कितने बड़े पापी दरिंदे होंगे कारण RSS है।
Mahmad Asharaf Meman retweeted
In The Last 5 Years in the Entire World
48000 People Left JUDAISM
400000 People Left BUDDHISM
525000 People Left HINDUISM
8800000 People Left CHRISTIANITY
263000 People Left ISLAM
But Here Comes the interesting Fact
6200000 People Has Accepted Islam
Around the World.
is islam becoming A Fastest growing Religion??
While America and Israel Are Trying to destroy it. 🤔
Mahmad Asharaf Meman retweeted
रसूलुल्लाह ﷺ इंसानियत के लिए रहमत, हिदायत और नूर
अल्लाह तआला ने नबी मुहम्मद ﷺ को पूरी इंसानियत के लिए रहमत, हिदायत देने वाला और नूर बनाकर भेजा। आप ﷺ के ज़रिए अल्लाह तआला ने हमें अंधेरों से हिदायत की तरफ़, जहालत से इल्म की तरफ़ और मायूसी से उम्मीद की तरफ़ आने का रास्ता दिखाया।
आप ﷺ ने हमें तालीम दी कि हम सिर्फ़ अल्लाह की इबादत करें, कमज़ोरों पर रहम करें, यतीमों का ख़याल रखें, अपने वालिदैन की इज़्ज़त करें, तकलीफ़ पहुँचने पर माफ़ करना सीखें और ज़िंदगी में मुश्किल हालात आने पर सब्र से काम लें।
आप ﷺ ने हमें बताया कि असली अज़मत दौलत, रुतबे या ताक़त में नहीं है, बल्कि ईमान, अच्छे अख़लाक़, आजिज़ी और अल्लाह की फ़रमाँबरदारी में है।
आप ﷺ ने भूख, ग़म, मुख़ालफ़त और तरह-तरह की मुश्किलों का सामना किया, लेकिन इसके बावजूद आप ﷺ लोगों को हक़ की तरफ़ बुलाते रहे। आपने माफ़ किया, लोगों पर रहम फ़रमाया और अल्लाह की तरफ़ से सौंपी गई ज़िम्मेदारी को पूरा करने में साबित-क़दम रहे।
आप ﷺ की ज़िंदगी हमें याद दिलाती है कि एक मोमिन की असली ताक़त उसके ईमान में है, उसकी असली ख़ूबसूरती उसके अच्छे अख़लाक़ में है और उसकी सबसे बड़ी कामयाबी अल्लाह तआला की रज़ा हासिल करने में है।
नबी मुहम्मद ﷺ से मोहब्बत करना सिर्फ़ ज़बान से मोहब्बत का इज़हार करना नहीं है, बल्कि यह मोहब्बत हमारे आमाल से भी ज़ाहिर होनी चाहिए। आपकी सुन्नत पर अमल करना, सच बोलना, अपने वादों को पूरा करना, दूसरों के साथ मेहरबानी करना, लोगों के हुक़ूक़ की हिफ़ाज़त करना और उस हिदायत के मुताबिक़ ज़िंदगी गुज़ारना, जो आप ﷺ लेकर आए — यही सच्ची मोहब्बत की निशानियाँ हैं।
अल्लाह तआला ने क़ुरआन मजीद की एक ही आयत में अपने नबी ﷺ और उनके सहाबा किराम رضی اللہ عنہم का ज़िक्र फ़रमाया है। इस आयत में उनकी इबादत, आपस में एक-दूसरे के लिए रहमदिली और अल्लाह की रज़ा हासिल करने के उनके जज़्बे को बयान किया गया है।
📖 हवाला: सूरह अल-फ़त्ह, आयत 29 (क़ुरआन 48:29)
ऐ मेरे अज़ीज़ इस्लामी भाइयो और बहनो!
आइए, हम अपनी मोहब्बत को सिर्फ़ ज़बान तक महदूद न रखें। बल्कि हमारी मोहब्बत हमारे अख़लाक़, हमारी नमाज़ों, हमारे घरों, हमारे मामलात और हमारी रोज़मर्रा की ज़िंदगी में भी नज़र आनी चाहिए।
अल्लाह तआला हमारे दिलों को अपने रसूल ﷺ की सच्ची मोहब्बत से भर दे, हमें आपकी सहीह सुन्नत पर अमल करने की तौफ़ीक़ अता फ़रमाए, हमारे ईमान को इस्तिक़ामत बख़्शे और अपनी रहमत से हमें जन्नतुल फ़िरदौस में अपने प्यारे नबी ﷺ का साथ नसीब फ़रमाए।
اللَّهُمَّ صَلِّ وَسَلِّمْ عَلَىٰ نَبِيِّنَا مُحَمَّدٍ ﷺ
ऐ अल्लाह! हमारे नबी मुहम्मद ﷺ पर अपनी रहमतें और सलाम नाज़िल फ़रमा। आमीन या रब्बुल आलमीन!
मतलब सुबह-सुबह इतना बेहतरीन वीडियो देखकर जो आध्यात्मिक शांति मिली है इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है😂😂
मतलब ***मजा ही आ गया****
#Brahmacharya
#HBDayAmitShah लख दी लानत 🤏🤏
Mahmad Asharaf Meman retweeted
अमेरिका का पैसा, SBI का खाता, और सरकार की चुप्पी!
Bellingcat की पड़ताल बताती है कि 2020 से 2024 के बीच अमेरिका की Ekal USA ने करीब ₹280 करोड़ भारत में एकल विद्यालयों को भेजे। इन स्कूलों का संघ परिवार से जुड़ाव जगज़ाहिर है। मोहन भागवत इनके मंच पर आते हैं, और इनकी शुरुआत VHP of America से हुई थी।
FCRA कानून के तहत हर विदेशी चंदा SBI की नई दिल्ली मुख्य शाखा के खाते में ही आता है। यानी यह पैसा अमेरिका से सीधे SBI में आया, सरकार की नाक के नीचे, और इसका पूरा रिकॉर्ड सरकार के पास है।
दूसरी तरफ़ 16,000 से ज़्यादा NGO के FCRA लाइसेंस रद्द कर दिए गए। जो संस्थाएँ सवाल पूछती हैं, वे "देश के लिए ख़तरा" बताई जाती हैं। लेकिन संघ से जुड़ी संस्थाओं का विदेशी पैसा "सेवा" कहलाता है।
सवाल सीधा है। विदेशी पैसा अगर ख़तरा है, तो सबके लिए ख़तरा क्यों नहीं? RSS आज तक पंजीकृत क्यों नहीं है, और उसका हिसाब कौन माँगेगा? क़ानून एक हो, सबके लिए बराबर हो!
@PriyankKharge @chennithala @TVKVijayHQ @revanth_anumula should enquire funding of RSS affiliated school?
#FCRA #RSSFunding #Transparency
RSS से जुड़ी US संस्थाओं को गुमनाम दान: पूरा मामला क्या है?
अंतरराष्ट्रीय जाँच संस्था Bellingcat की 6 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका की दो non-profit संस्थाओं, Ekal Vidyalaya Foundation USA और Sewa International को "donor-advised funds" के ज़रिए कम से कम ₹235 करोड़ मिले। Bellingcat इन दोनों संस्थाओं को RSS से जुड़ा मानता है। यह राशि उनकी कुल आय (लगभग ₹1,100 करोड़) का करीब 20% है।
@aishe_ghosh @SFI_CEC @Cockroachisback
Mahmad Asharaf Meman retweeted
विश्व गुरु ने बना डाला एक और रिकॉर्ड
देश सुरक्षित हाथो में है😂
बाकी सब मानव थे लेकिन आज महामानव शासन कर रहे है तो अन्तर तो होगा ही बोलो भगवान मोदीजी की जय!
Mahmad Asharaf Meman retweeted
📍 बिहार | तेलडीहा दुर्गा मंदिर
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यहाँ दुर्गा पूजा के दौरान लगभग 40–45 हजार पाठों (बकरों) की बलि दी जाती है।
कहाँ हैं वो पशु प्रेमी, जो ईद-उल-अज़हा पर मुसलमानों को ज्ञान देते हैं? पशु प्रेम सिर्फ मुसलमानों के त्योहार पर ही क्यों जागता है? दोहरा मापदंड क्यों?
Mahmad Asharaf Meman retweeted
सुनिए, वरिष्ठ पत्रकार नवीन जोशी से 1949 में बाबरी मस्जिद में मूर्तियाँ रखे जाने की कहानी।






















